*केन्द्रीय बजट पर भारतीय मजदूर संघ की प्रतिक्रिया
मूकनायक
बिलासपुर छत्तीसगढ़
इस बजट में अधोसंरचना में विस्तार,कौशल निर्माण और औद्योगिक विकास के माध्यम से आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित है लेकिन यह श्रमिकों की आजीविका, वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज करता है इसलिए यह बजट श्रमिक सुरक्षा के बिना आर्थिक सुधार से ठेका पद्धति को बढ़ावा देने वाला बजट है। इसमें स्कीमी वर्करों जैसे आंगनबाड़ी कर्मियों, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं के मानदेय में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। ईपीएफ पेंशन पात्रता और न्यूनतम पेंशन में कोई वृद्धि नहीं की गई है। गिग वर्करों के सामाजिक सुरक्षा के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। कौशल विकास की बात स्वागत योग्य है परन्तु संविदा कर्मियों और आउटसोर्सिंग के चलन में नौकरी की सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हुआ है। तथा सरकारी कर्मचारियों के आठवें वेतन आयोग और एन पी एस पर सार्थक सुधार पर चुप्पी पर भारतीय मजदूर संघ असंतोष व्यक्त करता है।
शंखध्वनि सिंह बनाफर
कार्यकारी अध्यक्ष
भारतीय मजदूर संघ (छ.ग.)

