2 फरवरी का रामजी मालोजी सकपाल से सीधा संबंध उनकी पुण्यतिथि (परिनिर्वाण दिवस) का है। वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के पिता थे, जिनका निधन 2 फरवरी 1913 को मुंबई में हुआ था। वे ब्रिटिश भारतीय सेना में एक अनुशासित और शिक्षित ‘सूबेदार मेजर’ थे, जिन्होंने अपने बच्चों, विशेषकर भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व और शिक्षा की नींव रखी।
निधन तिथि: 2 फरवरी 1913 को रामजी मालोजी सकपाल का निधन हुआ था, जो उनके पुत्र भीमराव अंबेडकर के जीवन के सबसे दुखद दिनों में से एक था।
व्यक्तित्व: वे एक मेहनती, संयमी, धार्मिक और अनुकरणीय चरित्र वाले व्यक्ति थे, जिन्होंने गरीबी के बावजूद अपने बच्चों को ईमानदारी और शिक्षा का मार्ग दिखाया।
प्रेरणा: रामजी मालोजी ने अपने बेटे को जीवन की लड़ाइयों के लिए तैयार किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्मृति दिवस: हर साल 2 फरवरी को रामजी मालोजी सकपाल के स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाता है।जो बहुजन समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
✍️ बौद्धाचार्य पूरणमल बौद्ध प्रदेश अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा राजस्थान दक्षिण

