मूकनायक/नरेश जाटव/कैलादेवी/करौली/ राजस्थान।
करौली में माली, सैनी, कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सुमन समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसमें समाज के लिए अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण की प्रमुख मांग शामिल है।समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 25 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं हुई, तो विधानसभा घेराव सहित राज्यव्यापी जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। समाज के सदस्यों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से आरक्षण सहित इन 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन, रेलियां, सभाएं और आंदोलन किए जा रहे हैं। हालांकि,अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिल पाया है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए भी कई बार समय मांगा गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई, जिससे समाज में आक्रोश है।प्रमुख मांगों में सैनी, माली, कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और सुमन समाज को अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण देना शामिल है। अन्य मांगों में महात्मा फूले बोर्ड कोदेवनारायण बोर्ड की तर्ज पर वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार प्रदान कर पदाधिकारियों की नियुक्ति करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, नागौर स्थित महान संत लक्ष्मीदास महाराज की जन्मस्थली (मंदिर) को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की गई। भारतीय सेना में सैनी रेजिमेंट का गठन, महात्मा ज्योतिबा फुले दंपती को भारत रत्न से सम्मानित करना और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना भी इन मांगों में शामिल है।समाज की सुरक्षा के लिए एससीएसटी अधिनियम की तर्ज पर विशेष कानून बनाने, महात्मा फूले दंपती का संग्रहालय निर्माण करने और सैनी, माली, कुशवाहा समाज के लिए अलग से बागवानी विकास बोर्ड का गठन करने की भी मांग की गई। उच्च शिक्षा के लिए महात्मा फुले फाउंडेशन की स्थापना और राज्य सरकार द्वारा विकसित की जा रही फल, सब्ज़ी और अनाज मंडियों में समाज के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दुकानें व स्थान आवंटित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।ज्ञापन सौंपते समय समाज के लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने सरकार से इन पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग दोहराई।

