मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में थाना पुरानी बस्ती पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर उसे संबंधित न्यायालय भेज दिया है। यह कार्रवाई जिले में सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक थाना पुरानी बस्ती जयदीप दुबे के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम भवन प्रजापति द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संविधान के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले एक व्यक्ति को शांति भंग की आशंका में हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार गौड़ पुत्र रामकिशुन, निवासी रसना, थाना पुरानी बस्ती, जनपद बस्ती के रूप में हुई है।
पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170/126/135 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए चालान किया और उसे माननीय न्यायालय रवाना किया। इसके साथ ही, प्राप्त प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0 06/26 धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अभियोग भी पंजीकृत किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक जयदीप दुबे, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम भवन प्रजापति तथा आरक्षी विजय पाल की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान देश की अस्मिता के प्रतीक हैं और उनके विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का भी काम करती हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर डॉ. अंबेडकर एवं संविधान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसे लेकर जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों में रोष व्याप्त है। संगठनों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां जानबूझकर सामाजिक माहौल खराब करने और आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की जाती हैं।
सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में और भी कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की बयानबाजी करने से पहले सौ बार सोचे। उनका मानना है कि कानून का सख्ती से पालन ही सामाजिक समरसता बनाए रखने का एकमात्र रास्ता है।
प्रशासनिक स्तर पर भी यह संकेत दिए गए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह से कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की यह कार्रवाई जिले में एक स्पष्ट संदेश देती है कि संविधान और उसके निर्माताओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

