मूकनायक / गोपाल मेघवंशी
भीलवाड़ा/ राजस्थान
सांसद प्रत्याशी मोतीलाल सिंघानिया ने फीता काटकर किया नि:शुल्क शिक्षा केंद्र का शुभारम्भ, निर्धन बच्चों के भविष्य को संवारने की अनूठी पहल
मोखुंदा । शिक्षा का अर्थ केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अपने हक और अधिकारों के प्रति जागरूक होना है। इसी मूल मंत्र के साथ मोखुंदा में रेगर समाज द्वारा एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘अम्बेडकर पाठशाला’ की शुरुआत की गई है। रविवार को आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि और सांसद प्रत्याशी मोतीलाल सिंघानिया ने फीता काटकर इस नि:शुल्क बाल पाठशाला का विधिवत उद्घाटन किया। यह पाठशाला समाज के निर्धन, गरीब और कमजोर वर्ग के बालक-बालिकाओं के लिए शिक्षा के नए द्वार खोलेगी और उनके शैक्षणिक भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मोतीलाल सिंघानिया ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आम चोखला झाड़ोल के अध्यक्ष लक्ष्मण तगाया ने की। मुख्य वक्ता व्याख्याता राधेश्याम सूंकरिया ने अपने ओजस्वी संबोधन में बाबा साहेब के प्रसिद्ध कथन को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो जितना पियेगा, उतना ही दहाड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के इस प्रतिस्पर्धी युग में कोई भी समाज शिक्षा के बिना उन्नति नहीं कर सकता और शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे व्यक्ति अपने अधिकारों को पहचान सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में मोखुंदा सरपंच इंदिरा देवी रेगर, रतन डडवाडिया, बबलू सूंकरिया, राकेश तगाया, किशन हिणोनिया, अर्जुन डडवाडिया और सरपंच प्रतिनिधि रमेश शेरसिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी मोहम्मद अशरफ रंगरेज ने आधुनिक युग में शिक्षा की महत्ता बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में शिक्षा ही समाज का वह स्तंभ है जिससे प्रत्येक व्यक्ति अपना विकास कर सकता है। मंच का सफल संचालन गिरदावर रमेश तगाया द्वारा किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में मदन तगाया, गोपाल नोगिया, हेमराज नोगिया, मूलचंद, रोशन लाल, केशुराम और मोहन लाल सहित पूरी आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित थे और रेगर समाज की इस नि:शुल्क शिक्षा मुहिम की सराहना पूरे क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर की जा रही है।

