Thursday, February 26, 2026
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वास्तविक महानता और सच्चा सम्मान केवल उम्र, धन या पद से नहीं, बल्कि इंसान के संस्कारों और व्यवहार में होता है निहित

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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बड़ा वही है जो बड़ों का सम्मान करे और छोटों को भी प्यार दे । यह व्यक्ति के महान चरित्र, संस्कारों और सच्ची परिपक्वता को दर्शाता है क्योंकि यह बड़ों से अनुभव और छोटों के प्रति स्नेह, दोनों को महत्व देता है, जिससे समाज में सद्भाव और एकता बढ़ती है। यह सिर्फ एक संस्कार नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और संस्कृति का प्रतीक है, जहाँ ज्ञान व अनुभव का आदर होता है और अगली पीढ़ी को सही राह दिखाई जाती है।
इसलिए यह कथन बिल्कुल सत्य है कि बड़ा वही है, जो अपने बड़ों का सम्मान करने के साथ-साथ छोटों को भी प्यार और सम्मान दे क्योंकि यह बड़प्पन का असली अर्थ दिखाता है, जहाँ केवल उम्र या पद से नहीं, बल्कि व्यवहार और संवेदनशीलता से व्यक्ति महान बनता है, जो ज्ञान, अनुभव के साथ-साथ दूसरों के प्रति दयालुता भी दर्शाता है, जिससे समाज में संतुलन और सद्भाव बनता है ।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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