रेलवे अफसरों की तबीयत बिगड़ने पर चुप्पी, फूड पॉइजनिंग कांड पर उठे सवाल
मूकनायक छत्तीसगढ़
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
बिलासपुर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित हाई-प्रोफाइल ऑफिसर्स स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट के दौरान हुई गंभीर लापरवाही अब फूड पॉइजनिंग कांड में तब्दील हो गई है। कार्यक्रम में शामिल जोन और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में बीमार पड़ गए। 25 से अधिक अधिकारियों और परिवारजनों को देर रात रेलवे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
17 और 18 जनवरी को सेरसा (SERSA) द्वारा आयोजित दो दिवसीय इस कार्यक्रम का समापन रविवार को हुआ था, लेकिन समापन के कुछ घंटों बाद ही कार्यक्रम में परोसे गए भोजन ने अफसरों की तबीयत बिगाड़ दी। उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत के बाद अफरा-तफरी मच गई।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के SDGM मनोज गुरुमुखी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके परिजन भी अस्वस्थ बताए जा रहे हैं। इसके अलावा APO रंजन सहित 25 से 30 अधिकारी और उनके परिजन फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। जानकारी के अनुसार एडीआरएम सहित कई वरिष्ठ मंडलीय अधिकारी भी बीमार पड़े।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कार्यक्रम के लिए करीब 300 प्लेट भोजन का ऑर्डर दिया गया था, जबकि रात में मात्र 100 लोगों ने ही भोजन किया। इसके बावजूद इतने बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग होना भोजन की गुणवत्ता, कैटरिंग व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रेलवे अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
इतनी बड़ी घटना के बावजूद रेलवे के आला अधिकारियों ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि भोजन की आपूर्ति किस एजेंसी ने की थी और जांच किस स्तर पर चल रही है। अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है।
रेलवे के अंदरखाने इस घटना को लेकर हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन सार्वजनिक रूप से जवाबदेही से बचने की कोशिश साफ नजर आ रही है। अब देखना होगा कि मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।


