मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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मिसाल वह व्यक्ति नहीं बनता जो केवल अपने बारे में सोचता है, बल्कि वह बनता है जो समाज और मानवता के लिए कुछ सार्थक करता है। इस नए साल में हमारा लक्ष्य केवल व्यक्तिगत विकास (जैसे बेहतर स्वास्थ्य या आर्थिक लाभ) तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें अपनी ‘किताब’ में कुछ ऐसे अध्याय भी जोड़ने चाहिए जो दूसरों के जीवन में प्रकाश ला सकें। चाहे वह किसी गरीब बच्चे की शिक्षा में मदद करना हो, पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाना हो या अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी की नई परिभाषा गढ़ना हो—यही प्रयास हमें एक मिसाल बनाएंगे।
समय की यह खाली किताब सीमित पन्नों की है। एक-एक दिन बीतने के साथ साथ एक-एक पन्ना भरता जा रहा है। इसलिए, इंतज़ार ना करें। अपनी कलम उठाएं और आज से ही समाज व जनकल्याण के लिए कुछ ऐसा लिखना शुरू करें, जो ना केवल आपके लिए गौरव की बात हो, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शन बन जाए। याद रखें, आपकी कहानी की चमक आपके हाथों में है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

