Thursday, February 26, 2026
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चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात, मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक वर्ष बढ़ी

इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री की घोषणा, ऑर्गेनिक उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन

मूकनायक/ छत्तीसगढ़

रायपुर। राजधानी के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चावल निर्यातकों को बड़ी राहत देते हुए मंडी शुल्क में दी जा रही छूट की अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ाने की घोषणा की। इस निर्णय से चावल निर्यातकों के साथ-साथ किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। समिट के दौरान कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती की जा रही है, जिसे और अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समिट छत्तीसगढ़ से चावल के निर्यात को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा।

छत्तीसगढ़ को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय पहचान का लाभ-
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का दूसरा संस्करण प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें 12 देशों के बायर्स और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को यूं ही “धान का कटोरा” नहीं कहा जाता, यहां हजारों किस्म की धान प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावल अपनी विशिष्ट खुशबू और गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं।

चावल निर्यातकों द्वारा लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग की जा रही थी। पूर्व में भी सरकार द्वारा यह छूट दी गई थी, जिसकी अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही थी। अब इसे एक वर्ष और बढ़ा दिया गया है।

90 देशों को हो रहा चावल का निर्यात-
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ से लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष इसमें वृद्धि की संभावना है। इस अवसर पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

चावल पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन-
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने चावल पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष की प्रजातियों, उत्पादन में हो रहे नवाचारों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली। शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि इन नवाचारों से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आय और प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपीडा के चेयरमेन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग सहित देशभर से आए मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

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