आंगनबाड़ी वरकरों को चार महीने से वेतन न मिलने के विरोध में 12 फ़रवरी को होगी हड़ताल
ठाकुर दास भारती मंडी हिमाचल प्रदेश | ज़िला कमेटी की बैठक आज कामरेड तारा चन्द भवन में ज़िला प्रधान भूपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें महासचिव राजेश शर्मा, गोपेन्द्र शर्मा, प्रवीण कुमार, सुमित कुमार, धन्नजय,मनी राम, बिमला शर्मा, अंजुला,गोदावरी वालिया, तम्मन्ना, अर्चना,सरला,आशा, बबली, नागो देवी, सुदर्शना, माया इत्यादि ने भाग लिया।बैठक में आंगनवाड़ी,रेहड़ी-फहड़ी, मिड डे मील, एम्बुलेंस कर्मचारी, मनरेगा एवं निर्माण, फोरलेन इत्यादि यूनियनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में 12 फ़रवरी को देशव्यापी हड़ताल को सफ़ल बनाने की योजना तैयार की गई।जिसका आह्वान सीटू व अन्य राष्ट्रीय स्तर की ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार द्धारा ख़त्म किये गए 29 श्रम एवं मनरेगा क़ानून के विरोध में किया है।वहीं हिमाचल प्रदेश में 108एवं 102 एम्बुलेंस कर्मचारियों की मांगों को न मानने के विरोध में पांच दिन की हड़ताल की जाएगी जो 12 फ़रवरी सुबह 9 बजे से 17 फ़रवरी सुबह तक की जायेगी जिसमें ज़िला स्तर पर प्रदर्शन और धरने आयोजित किए जाएंगे और पांचवे दिन शिमला में राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जायेगा। मंडी ज़िला में 12 फ़रवरी को मंडी,जोगिंदर नगर, सरकाघाट,निहरी और बालीचौकी में प्रदर्शन किए जाएंगे।जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील वर्कर, मनरेगा मज़दूर और एम्बुलेंस कर्मचारी तथा अन्य मज़दूर यूनियनें भाग लेंगी।बैठक मेंआठ मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा करने तथा अन्य आर्थिक मांगों को पूरा करने के लिए महिला समिति के साथ मिलकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से मज़दूरों के लंबित लाभ जारी न होने, आंगनबाड़ी वर्करों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार ग्रेच्यूटी व अन्य सुविधाएं देने, पिछले चार महीने का वेतन जारी करने, वरकरों को क्लास थ्री का कर्मचारी घोषित करने,प्री पराईमरी का दर्जा देने व पेंशन सुविधा इत्यादि मांगों को लेकर यूनियन 12 फ़रवरी को हड़ताल करेगी।उधर मिड डे मील वरकरों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने, दस माह के बजाए 12 माह का वेतन,छँटनी पर रोक लगाने, प्रत्येक स्कूल में दो दो वर्कर नियुक्त करने,वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, सभी प्रकार की छुटियाँ देने व मर्ज किए जा रहे स्कूलों के वरकरों को दूसरे स्कूलों या विभाग में समायोजित करने की मांग उठाई गई। मंडी नगर निगम तथा सुंदरनगर, नेरचौक व अन्य नगर परिषद क्षेत्रों में रेहड़ी फहड़ी मज़दूरों की मांगों व मंडी में रेहड़ी वालों को बाईपास भेजने की मुहिम का भी विरोध करने का निर्णय बैठक में लिया गया।इसके अलावा आउटसोर्स व प्रवासी मज़दूरों को प्रथमिकता पर संगठित करने का निर्णय लिया गया।

