Thursday, February 26, 2026
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एजुकेट गर्ल्स संस्था के प्रगति कैंप सुमेरपुर द्वारा सावित्रीबाई फुले जयंती भव्य रूप से संपन्न।

मूकनायक न्यूज/दिलीप कुमार/सिरोरी/राजस्थान

सुमेरपुर: सामुदायिक भवन उंदरी में एजुकेट गर्ल्स संस्था द्वारा संचालित “भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले प्रगति कैंप” सुमेरपुर के तत्वावधान में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक संकल्प के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बालिका शिक्षार्थियों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह के प्रारंभ में अभिभावक गणपत जी परमार नें बालिका शिक्षा के महत्व को समझते हुए व्हाइट बोर्ड भेंट किया, समाजसेवी मंछाराम कच्छवाहा, इतिहास व्याख्याता कार्तिक गौतम, पदम सिंह परमार, मेवाड़ा साहेब, पूर्व वार्ड पार्षद गोविंद राम राठौड़, पूर्व प्रसाद चतरा राम मेघवाल सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। समाजसेवी दंपति देशाराम जी एवं पोनी देवी की विशेष उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम में प्रगति कैंप की पूर्व शिक्षार्थी अंजली कुमारी, आरती कुमारी एवं किरण कुमारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एजुकेट संस्था की बालिका शिक्षा मुहिम ने उनके जीवन को नई दिशा दी। सावित्रीबाई फुले प्रगति कैंप सुमेरपुर की प्रेरक शकुन कुमारी और प्रकाश कुमार के विचारों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से नई दिशा दी।
प्रेरक शकुन कुमारी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि “नारी शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और समाज परिवर्तन की सबसे मजबूत नींव है। जब एक बालिका पढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे बढ़ाती है।” भारत में इसी महत्व को समझते हुए एजुकेट गर्ल्स संस्था ने हजारों बालिकाओं के जीवन को नई दिशा दी हैं, शकुन ने आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने का संदेश दिया। वहीं प्रकाश कुमार ने सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष और त्याग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “आज जो बालिकाएं विद्यालय तक पहुँच पा रही हैं, वह सावित्रीबाई फुले के साहस और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर शिक्षा को हथियार बनाया और हमें समानता का मार्ग दिखाया।” उन्होंने सभी से आग्रह किया कि फुले के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जीवन में उतारें।समाज सुधार में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
व्याख्याता कार्तिक गौतम ने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि “जब एक बालिका शिक्षित होती है, तो वह दो परिवारों को सशक्त बनाती है।” आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं योग शिक्षक ललित मेघवाल ने कहा कि आज बालिकाओं का विद्यालय तक पहुँचना सावित्रीबाई फुले के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने आह्वान किया कि सावित्रीबाई फुले को केवल स्मरण न करें, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें, साथ ही कार्यक्रम आयोजक प्रगति कैंप और एजुकेट गर्ल्स संस्था का आभार जताया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुँचाकर नारी शिक्षा, समानता और सामाजिक चेतना को सशक्त बनाना रहा। अंत में सभी उपस्थितजनों ने प्रगति कैंप व दंपति शकुन कुमारी – प्रकाश कुमार का आभार व्यक्त किया और शिक्षा, समानता, नारी सम्मान के मार्ग पर अडिग रहने का संकल्प लिया।

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