मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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दोस्तों से, परिवार से, सोशल मीडिया से, रिश्तों से और अनजान लोगों से जीवन में हमें हर पल कुछ ना कुछ सुनने को मिलता है। ये बातें कभी अच्छी होती हैं, तो कभी बुरी, लेकिन इन सभी सुनी हुई बातों पर तुरंत विश्वास कर लेना, हमें अक्सर मुसीबत में डाल सकता है। इसीलिए यह कहावत बिल्कुल सही है कि ‘सुनी हुई बातों पर भरोसा सोच समझकर करना चाहिए।’ यह हमें जल्दबाजी से बचाता है और सही-गलत का फर्क समझने की शक्ति देता है।
सुनी हुई बातों पर सोच-समझकर भरोसा करना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति अपनी कहानी का वो हिस्सा नहीं बताता, जहाँ वह गलत था । लोग अक्सर अपनी छवि बचाने के लिए सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं । इसलिए किसी भी बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच करना, दूसरे पक्ष को सुनना और अपने विवेक का इस्तेमाल करना ज़रूरी है ताकि हम धोखे से बच सकें और सही निर्णय ले सकें क्योंकि जल्दबाजी में भरोसा करने से रिश्ते खराब हो सकते हैं और नुकसान भी हो सकता है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

