Thursday, February 26, 2026
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शक्तिशाली होकर भी क्षमा करने और दरिद्र होकर भी दान करने का सामर्थ रखने वाला सदैव होता है आदरणीय

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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बलशाली होकर क्षमा करने वाला, उस व्यक्ति की महानता को दर्शाता है, जो सक्षम होने के बावजूद प्रतिशोध का मार्ग नहीं चुनता। अक्सर यह माना जाता है कि ताकतवर व्यक्ति अपने बल का प्रयोग दूसरों को झुकाने या सजा देने के लिए करता है, लेकिन जब कोई बलशाली व्यक्ति क्षमा का विकल्प चुनता है, तो वह यह साबित करता है कि उसका अपनी भावनाओं और अहंकार पर पूर्ण नियंत्रण है। क्षमा करना कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ा साहस है। जब कोई व्यक्ति बदला लेने की शक्ति रखता हो, फिर भी उदारता दिखाता हो, तो उसकी विनम्रता और आत्म-नियंत्रण दूसरों के दिलों में सम्मान पैदा करता है।
वहीं गरीब होकर दान करने वाला, यह सिद्ध करता है कि दान का संबंध बैंक बैलेंस से नहीं, बल्कि नीयत और हृदय की अमीरी से है। जब एक धनी व्यक्ति दान करता है, तो यह अक्सर उसकी संपत्ति का एक छोटा सा हिस्सा होता है, लेकिन जब एक गरीब व्यक्ति अपनी सीमित आय या संसाधनों में से कुछ हिस्सा किसी दूसरे जरूरतमंद को देता है, तो वह वास्तव में त्याग की भावना प्रदर्शित करता है । इस प्रकार उक्त संदेश हमें सिखाते हैं कि वास्तविक महानता बाहरी परिस्थितियों में नहीं, बल्कि आंतरिक मूल्यों में निहित है। चाहे वह शक्ति का प्रदर्शन ना करके क्षमा करना हो या अभावग्रस्त होकर भी उदारता दिखाना हो, ये कार्य मानवीय गरिमा को बढ़ाते हैं। ऐसे व्यक्ति अपने आचरण से दूसरों को प्रेरित करते हैं और इसी कारण वे सदैव आदरणीय बने रहते हैं।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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