Thursday, February 26, 2026
Homeउत्तर प्रदेशबस्ती में AIMIM नेता प्रिंस के मुकदमे को लेकर सियासी घमासान, संगठनों...

बस्ती में AIMIM नेता प्रिंस के मुकदमे को लेकर सियासी घमासान, संगठनों का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। जिले में AIMIM नेता अजफारूल हक उर्फ प्रिंस के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर सोमवार को सियासी पारा चढ़ा रहा। AIMIM, भारत मुक्ति मोर्चा सहित कई संगठनों के नेता और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुकदमे को फर्जी बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की। संगठनों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर हुई जुबानी जंग के बाद जानबूझकर जिले का माहौल खराब किया जा रहा है, ताकि सांप्रदायिक तनाव पैदा हो और राजनीतिक लाभ लिया जा सके।

दरअसल, रविवार को विश्व हिंदू महासंघ के अखिलेश सिंह और AIMIM नेता प्रिंस के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी हुई थी। इसके बाद बस्ती का माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रिंस की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार को विश्व हिंदू महासंघ की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया था। वहीं सोमवार को पलटवार करते हुए प्रिंस के समर्थन में AIMIM, भारत मुक्ति मोर्चा और अन्य संगठनों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष आर.के. आरतीयन ने कहा कि बस्ती जिले का माहौल किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में हिंदू-मुस्लिम का जहर फैलाने की कोशिश की जा रही है। आरतीयन का आरोप था कि कुछ नए-नवेले नेता और कथित तौर पर एक-दो पुलिसकर्मियों के संरक्षण में माहौल जानबूझकर खराब किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं AIMIM के प्रदेश महासचिव शोयब आजम ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो काम प्रशासन को करना चाहिए, वह काम कुछ संगठन खुद करने लगे हैं। कहीं मीट की दुकानें बंद करवाई जा रही हैं तो कहीं बिरयानी की दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है। शोयब आजम ने आरोप लगाया कि एक संगठन का व्यक्ति खुद को प्रशासनिक अधिकारी समझने लगा है और खुलेआम कानून अपने हाथ में ले रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को भीड़ जुटाकर खुलेआम भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं, मां-बहन की अश्लील गालियों से माहौल को जानबूझकर जहरीला बनाया गया और लोगों को उकसाने की कोशिश की गई।

AIMIM के जिला अध्यक्ष एजाज खान ने कहा कि उनका एकमात्र मकसद बस्ती का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना है। उन्होंने दो टूक कहा कि कुछ नए नेता हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति चमकाना चाहते हैं और जिले को दंगे की आग में झोंकने की साजिश कर रहे हैं। एजाज खान ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक नफरत फैलाने की योजनाबद्ध कोशिश हो रही है, ताकि आम लोगों को आपस में लड़ाया जा सके। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि अगर किसी ने कानून तोड़ा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक दबाव और एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए और निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस दौरान शबा ने भी शायरी पड़ कर प्रिंस का समर्थन किया पूरे घटनाक्रम को लेकर बस्ती जिले में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हर मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है। फिलहाल जिले में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को और गरमा दिया है।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments