

रायपुर। दि बुद्धिस्ट प्रचारक विंग छत्तीसगढ़ द्वारा राजधानी रायपुर के राजेन्द्र नगर स्थित पंचशील बुद्ध विहार में एक दिवसीय वैचारिक धम्म संगोष्ठी का आयोजन कर संगठन का 13वां वर्धापन दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंचशील बुद्ध विहार संघ समिति के सहयोग से किया गया।
संगोष्ठी की शुरुआत पूज्य भंते नागसेन के सान्निध्य में त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण के साथ हुई। इसके पश्चात संविधान की उद्देशिका का वाचन साक्षी बौद्ध द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में 13वें वर्धापन दिवस के अवसर पर धम्म प्रचारिका प्रकृति बौद्ध (बिलासपुर) एवं लता बौद्ध (कोरबा) को पुष्प, शाल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं अन्य धम्म प्रचारिकाओं को पुष्प एवं कलम प्रदान कर सम्मान किया गया।
संगोष्ठी का विषय “संत गाडगे बाबा का समाज सुधार में योगदान” रहा, जिस पर उपस्थित उपासक-उपासिकाओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सविता बौद्ध ‘संकल्पी’ ने विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे। जयश्री बौद्ध ने बौद्ध समाज के लिए आवश्यक आचरण पर उदाहरण सहित प्रकाश डाला। अलका बौद्ध ने महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के संबंध में जानकारी देते हुए बोधगया में चल रहे आंदोलन में सहभागी बनने की अपील की।
लता बौद्ध ने बौद्धों के सामाजिक दायित्वों पर अपने विचार व्यक्त किए, जबकि सुलोचना बौद्ध ने गर्भमंगल संस्कार पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य वक्तव्य में सविता बौद्ध ‘संकल्पी’ ने प्रतिज्ञाओं, बौद्ध संस्कारों एवं बौद्ध पर्वों की जानकारी दी। इसके पश्चात सुनीता बौद्ध द्वारा उपस्थित उपासक-उपासिकाओं को प्रतिज्ञाएं दिलाई गईं।
कार्यक्रम के दौरान “भारत रत्न डॉ आंबेडकर और हर घर गौतम बुद्ध” पुस्तक पंचशील बुद्ध विहार समिति को भेंट की गई। अंत में प्रकृति बौद्ध द्वारा मंगल मैत्री एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

