मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जिनकी फितरत हमेशा बदलने की हो, वह कभी किसी का नहीं हो सकता । चाहे वह समय हो या इंसान या ऐसे भी कह सकते हैं कि वक्त भी यह कैसी पहेली दे गया ?उलझनों को जिंदगी और समझने को उम्र दे गया..! बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि स्वर्ग और नरक का कोई भौगोलिक स्थान नहीं है स्वर्ग है, आपका जीवन और नर्क है आपका अंधविश्वास और मूर्खतापूर्वक जीवन।
इसलिए हमेशा खुश रहने के कारण तलाशो । किसी इंसान के बुरे व्यवहार के कारण अपने मन की शांति को भंग मत होने दो। दिलों में संतुष्टि रखो । लोग महलों में भी रो रहे हैं। वैसे भी दोगले लोगों की पहचान नहीं करनी पड़ती है, वक्त आने पर वो खुद ही अपनी पहचान करा देते हैं। बाकी:- क्यों ना बेफिक्र होकर सोया जाए । अब बचा ही क्या है जिसे खोया जाए ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

