Thursday, February 26, 2026
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अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर कोटा में नागरिक संगठनों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा

कोटा/ राजस्थान

अरावली पर्वतमाला के संरक्षण से जुड़े गंभीर पर्यावरणीय मुद्दे को लेकर आज कोटा में भीम आर्मी भारत एकता मीशन द्वारा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया एवं माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम 30 दिसंबर 2025 को ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया। भीम आर्मी भारत एकता मिशन जिला अध्यक्ष अनिल पाटोदिया द्वारा
प्रेस को संबोधित करते हुए संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि अरावली से संबंधित नीतिगत व्याख्याओं के कारण 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को संरक्षण के दायरे से बाहर मानने की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे पर्यावरणीय संतुलन, भूजल संरक्षण एवं जैव विविधता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से ये छोटी पहाड़ियाँ भी अरावली की ही निरंतर श्रृंखला का अभिन्न हिस्सा हैं।
प्रतिनिधियों में संभाग शहर प्रभारी रघुराज वर्मा , जिला महासचिव विमल , जिला महामंत्री मनोज बैरवा, जिला सचिव देवराज बैरवा, जिला सचिव दिनेश आश्रमिया, भीम आर्मी सदस्य प्रशांत, बैरवा प्रेम नगर यह भी उल्लेख किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस विषय में 21 जनवरी 2026 तक रोक लगाया जाना, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मामला अत्यंत संवेदनशील एवं व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है। हालांकि संगठन का मत है कि अस्थायी रोक पर्याप्त नहीं है, बल्कि अरावली पर्वतमाला के लिए स्थायी, स्पष्ट और समग्र कानूनी संरक्षण आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि—
अरावली पर्वतमाला को ऊँचाई आधारित सीमित परिभाषा से मुक्त किया जाए,
100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को भी संरक्षण में शामिल किया जाए,
खनन एवं विकास गतिविधियों से संबंधित स्वीकृतियों की निष्पक्ष समीक्षा हो,
तथा अरावली संरक्षण हेतु स्थायी कानूनी ढांचा बनाया जाए।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन संविधान, कानून और पर्यावरण संरक्षण की भावना के अनुरूप है तथा इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के जल, जीवन और पर्यावरण की रक्षा करना है।

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