Thursday, February 26, 2026
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संविधान दिवस का महत्व और विशेष जानकारी- महिपाल सिंह

​संविधान दिवस:

​1. संविधान का अंगीकरण एवं पूर्णता ​तैयारी की तिथि: भारत गणराज्य का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था।

​समय अवधि:

संविधान सभा ने इस कार्य को पूरा करने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लिया।
​समर्पण: 26 नवम्बर 1949 को ही संविधान को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
​2. संविधान दिवस का आरंभ
​पूर्व नाम: 26 नवम्बर को इससे पहले राष्ट्रीय कानून दिवस (National Law Day) के रूप में मनाया जाता था।
​बदलाव का कारण: भारतीय संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर के 125वें जयंती वर्ष को चिह्नित करने के लिए।

​प्रथम आयोजन:
भारत सरकार द्वारा पहली बार 26 नवम्बर 2015 को इसे संविधान दिवस (Constitution Day) के रूप में मनाया गया।
​वर्तमान स्थिति: 26 नवम्बर 2015 से प्रत्येक वर्ष यह दिवस पूरे भारत में मनाया जा रहा है।
​3. संविधान का लागू होना
​अमल में आने की तिथि: गणतंत्र भारत में संविधान को 26 जनवरी 1950 से पूरी तरह से लागू (Enacted) किया गया।
​महत्व: 26 जनवरी को भारत गणतंत्र दिवस (Republic Day) के रूप में मनाता है, क्योंकि इसी दिन भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना।

​प्रमुख व्यक्ति

​डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. B. R. Ambedkar): इन्हें भारतीय संविधान का जनक माना जाता है। वे संविधान सभा की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे, और संविधान निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत निर्णायक थी।

​संविधान दिवस (26 नवम्बर) उस दिन का स्मरण कराता है जब भारत ने विधायी रूप से स्वयं को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए अपने संविधान को अपनाया था। जबकि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) उस दिन का स्मरण कराता है जब यह संविधान वास्तव में लागू हुआ था।

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