Thursday, February 26, 2026
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रेलवे की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, दुकानों और घरों पर चला बुलडोज़र

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

गोंडा। बभनान रेलवे स्टेशन के पीछे रेलवे की जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए रेल प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की बुलडोज़र की गर्जना के साथ कई घरों व दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में आरपीएफ और सीआरपीएफ व स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से अवैध कब्जेदारों में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई लोग अपने-अपने सामानों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में लगे रहे।

बभनान रेलवे स्टेशन बस्ती और गोंडा जिले की सीमाओं पर स्थित है इसके पीछे लम्बे समय से रेलवे की जमीन पर कई लोगों ने दुकानें और झोपड़ियाँ बनाकर कब्ज़ा कर रखा था। इनमें उन लोगों की संख्या भी कम नहीं थी जो आर्थिक रूप से कमजोर थे और रहने के लिए कहीं और स्थान उपलब्ध नहीं था वर्षों से यहाँ रह रहे इन परिवारों ने पेयजल, बिजली और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करते हुए इसे स्थायी निवास में बदल दिया था।

रेल प्रशासन के अनुसार यह पूरा निर्माण अवैध था और लंबे समय से प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद कब्जेदार वहाँ से नहीं हटे इस संबंध में कई बार उद्घोषणा भी की गई और दीवारों पर नोटिस चस्पा कर हटने की चेतावनी दी गई थी इसके बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर आखिरकार 14 नवंबर को प्रशासन ने बुलडोज़र कार्रवाई की।

कार्रवाई से पहले आरपीएफ चौकी प्रभारी बभनान विश्वामित्र यादव ने बताया था कि अवैध रूप से बने ढाँचों को हटाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है वहीं बस्ती के रेलवे प्रभारी मिर्जा रसीद बेज के नेतृत्व में रेलवे अफसरों की टीम लगातार पूरे अभियान की निगरानी करती रही।

बुलडोज़र कार्रवाई शुरू होते ही कब्जेदारों में खौफ और अफरा-तफरी मच गई लोग अपनी-अपनी दुकानों का सामान और घरों की ज़रूरी चीज़ें इकट्ठा कर बाहर निकालने में जुट गए कई लोगों ने रोते हुए यह भी कहा कि उनके पास अब रहने का कोई ठिकाना नहीं बचा है वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की कोई बात कही गई।

हालाँकि प्रशासन का कहना है कि रेलवे संपत्ति पर वर्षों से हो रहे इस अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो जानी चाहिए थी रेल मार्ग और स्टेशन की सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों में भी यह अतिक्रमण बड़ी बाधा बना हुआ था स्टेशन के पीछे विस्तार और अन्य निर्माण योजनाएँ रुकी पड़ी थी जिसे अब प्रशासन आगे बढ़ाना चाहता है।

सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच कार्रवाई पूरी होने तक किसी भी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई प्रशासन ने कहा कि आगे भी रेलवे की संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जरूरत पड़ने पर ऐसी कार्रवाई दोबारा भी की जाएगी।

इस बुलडोज़र कार्रवाई से कई परिवार विस्थापित हो गए हैं और अब उनके सामने रहने की मुश्किलें बढ़ गई हैं

रेल प्रशासन का यह कड़ा कदम भले ही रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिहाज़ से आवश्यक बताया जा रहा है लेकिन इसका सामाजिक प्रभाव भी क्षेत्र में गहरी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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