Thursday, February 26, 2026
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बौद्ध धर्म के रीति रिवाज़ अनुसार किया गया संस्कार और परित्राण पाठ

समाजिक कार्यकर्ता भवानी प्रसाद के पिता भिखम राम जी का 25 अक्टूबर को हुआ था निधन |  भुंतर ज़िला कुल्लू हिमाँचल प्रदेश | हिमाँचल प्रदेश एक पहाड़ी प्रदेश है | विभिन्न धर्मों और सम्प्रदाय के लोग यहाँ रहते है | वर्तमान में हिमाँचल अपने पहाड़ी रीति रिवाज़  और संस्कृति की वजह से पुरे देश में चर्चा के केंद्र में रहा है | चाहे ट्राईबल इलाके सिरमौर में बहुपति प्रथा के अंतर्गत दो सगे भाइयों द्वारा एक महिला से शादी हो या संविधान को साक्षी मानकर शादी रचना अपने आप में बेहतर उदाहरण पेश करता है | इसी क्रम में गत दिनों एक और ऐसा ही कुछ वाक्य तहसील भुंतर ज़िला कुल्लू के छोटे से गाँव कलैहली में सम्पन्न हुआ जिसमें एक पुत्र द्वारा अपने दिवंगत पिता के देहवसान के दौरान बौद्ध रिति रिवाज से संस्कार और शांति पाठ जिसको(परित्राण पाठ) कहा जाता है का आयोजन किया गया जिसमें सभी रिश्तेदार और सगे संबंधी शामिल हुए |  पहली मर्तबा हो रहे इस तरह बौद्ध रीति से संस्कार के इस सादे से आयोजन में सगे संबंधी और रिश्तेदार भी ख़ुश दिखाई दिए जहाँ एक सादगी से पुरे परित्राण पाठ का कार्यक्रम हुआ जिसमें परिवार पर किसी भी तरह की बंदिश का ना होना अपने आप में एक नया कदम मना जा रहा है | अपने परम पूजनीय दिवंगत पिता भिखम राम के संस्कार और परित्राण पाठ के आयोजनकर्ता पुत्र भवानी प्रसाद ने कहा की वह बौद्ध धम्म से प्रेरित है और उन्हें इसकी प्रेरणा बौद्ध धम्म को पढ़ने से मिली है | बौद्ध धम्म के अनुसार हुए इस संस्कार पद्धति को आचार्य भीम प्रकाश ने सम्पन्न करवाया | कार्यक्रम में मेडिटेशन और परित्राण पाठ किया गया और बौद्ध धम्म बारे उपस्तिथ जनसमूह को जानकारी दी गई |  इस मौक़े पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ज़िला मंडी की कार्यकारिणी सदस्य हंस राज,रमेश कुमार,चौबे राम भाटिया,दलीप बौद्ध,बहुजन विचारक रिटायर्ड एसडीओ हेम चंद चौहान, गोविन्द सूर्यवंशी, करम सिंह, विनय कुमार आदि विशेष रूप से शामिल रहे | 

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