Thursday, February 26, 2026
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौवा में आशा व आशा संगिनियों का मानदेय भुगतान को लेकर धरना प्रदर्शनरुधौली विधायक ने दिया आंदोलन को समर्थन, बकाया भुगतान व राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की उठाई मांग

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। जिले के सल्टौवा ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौवा में शनिवार को आशा एवं आशा संगिनियों ने चार महीने से रुके मानदेय भुगतान को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया मानदेय न मिलने से नाराज़ आशाओं ने स्वास्थ्य विभाग प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की और जल्द भुगतान की मांग उठाई प्रदर्शन के दौरान रुधौली विधानसभा के विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी भी आशाओं के समर्थन में धरने पर बैठे और उनकी मांगों को उचित बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

आशाओं ने बताया कि मार्च, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 के मानदेय का भुगतान अब तक नहीं हुआ है इसके अलावा जनवरी 2025 में संचालित पल्स पोलियो अभियान, आभा आईडी निर्माण और आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्यों का भी भुगतान बकाया है प्रदर्शन कर रही आशाओं का कहना था कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने पहले भरोसा दिया था कि एक सप्ताह के भीतर भुगतान उनके खातों में पहुंच जाएगा लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पैसा नहीं आया इसी के विरोध में आशाएं और आशा संगिनियां 8 नवम्बर 2025 को पीएचसी सल्टौवा पर धरने पर बैठ गईं।

धरने पर मौजूद आशाओं ने कहा कि जब तक उनका बकाया मानदेय जारी नहीं किया जाता तब तक वे नियमित कार्य नहीं करेंगी प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कहा जाता है लेकिन उनके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार हो रहा है हम गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर टीकाकरण, पोलियो अभियान, प्रसव पूर्व जांच, आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी जैसे सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाते हैं लेकिन हमारे ही मानदेय का महीनों से भुगतान नहीं किया जा रहा

धरना स्थल पर पहुंचे विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि आशा और आशा संगिनियां स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अहम कड़ी हैं और इनके बिना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी है उन्होंने कहा कि इनके साथ हो रहा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने सीएमओ बस्ती से तत्काल प्रभाव से बकाया मानदेय भुगतान कराने की मांग की और कहा कि आगे भी इन सभी का मानदेय समय से इनके खाते मे आ जाए

धरने के दौरान आशाओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को भी रखा। मुख्य मांगों में

  1. आशा एवं आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और नियमित वेतन व्यवस्था लागू की जाए
  2. राज्य कर्मचारियों को मिलने वाली समस्त सुविधाएं दी जाए
  3. मार्च, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।
  4. जनवरी 2025 में संचालित पल्स पोलियो अभियान का भुगतान जारी किया जाए।
  5. आभा आईडी बनाने भुगतान कराया जाए
  6. आयुष्मान कार्ड निर्माण से संबंधित बकाया राशि का भुगतान कराया जाए आदि मांगे रही

धरने में ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से आई सैकड़ों आशा व आशा संगिनियां शामिल रहीं उन्होंने सुबह से लेकर दोपहर तक धरना जारी रखा और सीएमओ बस्ती को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं आशाओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे जिला मुख्यालय पर भी बड़ा आंदोलन करेंगी।

धरना शांतिपूर्ण रहा लेकिन स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने का खतरा मंडराने लगा है वहीं सीएमओ साहब ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर शनिवार तक मानदेय शीघ्र जारी कर दिया जायेगा।

धरना प्रदर्शन के दौरान आशाओं ने कहा कि यह आंदोलन उनके अधिकार और सम्मान की लड़ाई है उन्होंने कहा कि वे सरकार से उम्मीद करती हैं कि उनके साथ न्याय होगा क्योंकि वे गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव हैं।

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