मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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नींद एक विरोधाभासी अवस्था है। जब यह आती है, तो यह दिन भर की चिंताओं को दूर कर देती है, जिससे मन शांत होता है और हम सब कुछ भूल जाते हैं। लेकिन जब नींद नहीं आती, तो मन बेचैन हो जाता है और पुरानी, अनकही बातें, यादें और पछतावे, सभी एक-एक करके याद आने लगते हैं, मानो कोई पुरानी फिल्म चला दी गई हो। नींद के ये “नखरे” दरअसल मन की शांति और बेचैनी के बीच के संघर्ष को दर्शाते हैं।
नींद की कमी से ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है, फैसले लेने की क्षमता कमजोर होती है, और मूड खराब होता है। इसलिए यह सच है कि नींद एक जादुई अवस्था है। जब यह हमें गले लगाती है, तो यह चिंताओं को दूर कर देती है। लेकिन जब यह हमसे रूठ जाती है, तो यह हमें उन्हीं चिंताओं और यादों की दुनिया में वापस ले जाती है जो हम भुलाना चाहते थे। इसलिए, एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए पर्याप्त और अच्छी नींद बहुत महत्वपूर्ण है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

