मूकनायक/ सत्यशील गोंडाने
बालाघाट/ खैरलांजी/ मध्य प्रदेश किसान गर्जना संगठन के आह्वान पर शुक्रवार को खैरलांजी में किसानों ने अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष रामकुमार नागपुरे और ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान बैलगाड़ी और ट्रैक्टरों के साथ रैली के रूप में शहर की मुख्य सड़कों पर उतरे। रैली का समापन तहसील परिसर में हुआ, जहाँ किसानों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन तहसीलदार महोदया पंत को सौंपा।
मंच पर आयोजित सभा में क्षेत्र के अनेक गांवों से आए किसानों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। सभा स्थल पर लगे बैनर और किसानों के दुपट्टे, टोपी व झंडों ने पूरे वातावरण को कृषि स्वाभिमान के रंग में रंग दिया।
किसानों के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई हो — नागपुरे
जिला अध्यक्ष रामकुमार नागपुरे ने अपने संबोधन में कहा कि किसान आज भी बीमा कंपनियों और प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच उलझे हुए हैं। फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा मुआवज़ा, उचित समर्थन मूल्य और बिजली बिल माफी जैसे मुद्दों का समाधान बिना संघर्ष के संभव नहीं।
उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की हर समस्या को मजबूती से उठाता रहा है और तब तक उठाता रहेगा जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता।
ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि खेतों में मेहनत करने वाला किसान आज अपनी ही उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।
ज्ञापन लेते ही कार्यवाही शुरू — तहसीलदार
ज्ञापन लेने के दौरान तहसीलदार छवि पंत ने किसानों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही आरंभ कर चुका है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सर्वे, बीमा भुगतान, मुआवज़ा और अन्य शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। मंच पर संगठन से जुड़े पदाधिकारी और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने भी किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
किसान गर्जना संगठन की सात प्रमुख मांगें
1 सभी पात्र किसानों को प्राकृतिक आपदा एवं फसल हानि का मुआवज़ा और बीमा लाभ तत्काल दिया जाए।
- धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
- किसानों के बकाया बिजली बिल माफ किए जाएँ तथा 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए।
- खरीफ–रबी 2025–26 के लिए लागत मूल्य में वृद्धि कर किसानों को लाभकारी मूल्य दिया जाए।
- मंडियों में दलाली और कटौती पर रोक, पारदर्शी खरीदी व्यवस्था लागू की जाए।
- भंडारण, परिवहन और विपणन की सुविधाएँ बढ़ाई जाएँ तथा किसानों को समुचित सुरक्षा और संरक्षण दिया जाए।

