मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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अज्ञानता को शिक्षा और प्रयास से दूर किया जा सकता है, लेकिन अज्ञानता से ही मिलने वाली संतुष्टि (अज्ञान ही आनंद है) या ज्ञान के अहंकार से उत्पन्न होने वाली हठधर्मिता हमेशा बनी रह सकती है। *अज्ञानता दूर की जा सकती है, लेकिन मूर्खता हमेशा बनी रहती है। जो लोग अपनों के खिलाफ साजिशें करते हैं, वह अक्सर गैरों की गुलामी करते नज़र आते हैं। लोग कहते हैं पैसा बोलता है… मगर कई बार पैसे वालों के घर में आपस में किसी को बोलते नहीं देखा ।
शिक्षा और ज्ञान की खोज अज्ञानता को दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। अज्ञानता के कारण पैदा होने वाले भय, भ्रम और संदेह को ज्ञान से दूर किया जा सकता है। बाकी:- अच्छे लोग मतलबी या घमंडी नहीं होते, बस वो वहां रहना पसंद नहीं करते, जहाँ उनकी इज्जत और कद्र ना हो। याद रखना; कोई नहीं बढ़ाता किसी का हौसला, वक्त खराब हो तो लोग फासले बढ़ाते हैं ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

