मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। अखिल भारतीय बाबा साहब डॉ. अंबेडकर समाज सुधार समिति, हरैया बस्ती के तत्वावधान में रविवार को कवलासिया बौद्ध बिहार परिसर में सम्राट अशोक धम्म विजयदशमी एवं दीक्षा दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले भर से बौद्ध अनुयायी, महिला-पुरुष, बच्चे एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन सिद्धू प्रसाद बौद्ध ने किया, जबकि अध्यक्षता रघुवीर भारती ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना, त्रिशरण और पंचशील पाठ के साथ किया गया। इसके बाद उपस्थित जनों ने तथागत गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बौद्ध धर्म, सम्राट अशोक के जीवन दर्शन और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा अपनाए गए धम्म मार्ग पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि सम्राट अशोक ने हिंसा का त्याग कर अहिंसा, करुणा और मैत्री के मार्ग को अपनाया, जो आज भी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि धम्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि मानवता का मार्ग है, जो समाज में शांति, समानता और भाईचारा स्थापित करता है। तथागत गौतम बुद्ध की शिक्षाएँ आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं, क्योंकि समाज को विभाजन नहीं, बल्कि एकता और सद्भाव की आवश्यकता है।
रघुवीर भारती ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट अशोक और बाबा साहब अंबेडकर दोनों ने समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए अपने जीवन को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज को अंधविश्वास, भेदभाव और हिंसा से मुक्त करना होगा।
इस अवसर पर झिंकन विकल मंत्री, बुद्ध प्रकाश गौतम, राम आज्ञा गौतम, शिवाकांत बौद्ध, आर. एस. बौद्ध तथा एडवोकेट सिंकदर सहित अनेक समाजसेवी एवं बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे। महिलाओं और युवाओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह के अंत में उपस्थित जनों ने तथागत गौतम बुद्ध और बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

