
कबीरधाम।भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ – आडंबर से विज्ञानवाद के पदाधिकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक कबीरधाम को ज्ञापन सौंपते हुए “विस्तार न्यूज़” चैनल पर दिनांक 25 अक्टूबर 2025 की रात्रि में प्रसारित लाइव डिबेट में आदेश सोनी द्वारा सतनामी समाज को “गाय काटने वाला समाज” कहकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त डिबेट में आदेश सोनी ने न केवल सतनामी समाज को अपमानित किया बल्कि गौ सेवा के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने और हिंसक प्रवृत्ति अपनाने जैसी धमकी भरे बयान भी दिए, जिससे सामाजिक सौहार्द्र और धार्मिक शांति बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि —
“जिस समय ये कथित गौ सेवक गायों का महत्व तक नहीं जानते थे, उस समय सतनामी समाज के पूर्वजों ने अंग्रेज शासनकाल में बलौदा बाजार, नागपुर, कर्मनडीह और अनेक स्थानों पर आंदोलन कर बूचड़खाने बंद करवाए थे। आज भी सतनामी समाज के अधिकांश परिवारों में गौ पालन किया जाता है और हमारे धर्म में जीव हत्या पाप मानी गई है।”
समाज ने यह भी कहा कि आदेश सोनी का यह बयान न केवल समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है, बल्कि संविधान में प्रदत्त समानता और सम्मान के अधिकार का खुला उल्लंघन है।
भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ ने मांग की है कि —
आदेश सोनी के विरुद्ध
आईटी एक्ट,
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम
तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराओं के तहत त्वरित एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
अन्यथा की स्थिति में सतनामी समाज एवं भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ राज्यभर में वृहद आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संगठन ने यह भी आग्रह किया है कि भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में गाय या मवेशी मृत अवस्था में पाए जाते हैं, तो उनकी मृत्यु का विधिवत पोस्टमार्टम किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मृत्यु हत्या से हुई है या दुर्घटनावश, जिससे किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे आरोपों में फँसाया न जा सके।

