Thursday, February 26, 2026
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महाबोधी महाविहार मुक्ति और बीटी एक्ट 1949 निरस्त करना ही,हमारा लक्ष्य =सविता बौद्ध संकल्पी

///हस्ताक्षर अभियान निरंतर जारी//

छत्तीसगढ़

सविता बौद्ध “संकल्पी”
ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़,प्रदेशाध्यक्ष सविता बौद्ध “संकल्पी धम्म मित्रों से कहा कि हम आंदोलनकारी पूज्य भंते प्रज्ञाशील जी की अगुवाई में और आदरणीय आकाश लामा जी के नेतृत्व में 17 सितम्बर 2024 से बिहार की राजधानी पटना से लेकर बोधगया में भिक्षुओं की भूख हड़ताल ,अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन,जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन,पोस्टकार्ड अभियान,जनसभा,शांति मशाल रैली के साथ – साथ अब हस्ताक्षर मुहीम चला रहे है। दुर्ग में जिला स्तरीय हस्ताक्षर मुहीम और मशाल रैली ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में,समता सुरक्षा सेना के संरक्षण और समस्त बौद्ध संगठनों के सहयोग से निरंतर जारी रहेगी। हमने छत्तीसगढ़ में सिग्नेचर कैंपेन चलाने के लिए दुर्ग/भिलाई से शुरुआत करते हुए धमतरी,महासमुंद,बिलासपुर, अर्जुन्दा,बालोद,दल्लीरझरा आदि स्थानों के बौद्ध संगठनों से संपर्क साधकर हस्ताक्षर अभियान के फॉर्मेट की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी भेज दी गई है।

   साथियों ! आप सभी इस बात से अवगत है कि 2024 से ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम और संबंधित समस्त बुद्धिष्ट संगठनों के नेतृत्व में न्यायालयीन प्रक्रियाएं चल रही है,जिसमें भंते सुरई ससाई  की 2012 की रिट पिटिशन , 2018 में भंते धम्म शिखर  की और अब आकाश लामा  की इंटरवेंशन ने सुप्रीम कोर्ट में महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन को लेकर हलचल मचा दी है। अग्रिम तिथि 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की तारीख मिली हुई है। हम सदैव सक्रिय रहे और आंदोलन को गति प्रदान करते रहे , इसलिए आकाश लामा ,बिहार,उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र,लेह लद्दाख ,पंजाब, गुजरात,तेलंगाना,आंध्रप्रदेश,सिक्किम,बंगाल आदि राज्यों में अर्थात देश के कोने - कोने में जाकर आमसभाएं लेकर लोगों में महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन का अलख जगाकर खुद जागे और पूरे बौद्ध समाज को जगाने का अतुलनीय कार्य कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने आवन कर कहा कि हम भी अपनी भूमिका तय करे हस्ताक्षर अभियान को घर – घर पहुंचाने का एक संकल्प मैंने लिया है,आप भी एक संकल्प ले कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करके अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे ।
“महाबोधी महाविहार जब तक मुक्त नहीं हो जाता,तब तक हम चैन की नींद नहीं सो सकते”। हम अपने हक और अधिकार के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे। जैसे हमारे बोधिसत्व डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर अंतिम सांस तक अपने संकल्प को पूरा करने के लिए डटे रहें,वैसे ही हमें भी डटे रहना है। यकीकन हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

15 अक्टूबर 2025 तक हस्ताक्षर की प्रती जमा करना निश्चित किया गया है। आगे अन्य को प्रेषित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान की सॉफ्ट कॉपी प्रिंट आउट निकालकर हस्ताक्षर हेतु उपयोग किया जा सकता है।
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