
छत्तीसगढ़
मूकनायक/ दिलीप मैश्राम
नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट डोंगरगढ़ के अध्यक्ष पूर्व विधायक विनोद खांडेकर ,भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े, छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज के प्रदेश अध्यक्ष अनिल खोबरागड़े एवं डॉ आंबेडकर परिनिर्वाण भूमि सम्मान समिति नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव एवं बौद्ध समाज बिलासपुर के अध्यक्ष सारंग राव हुमने, डॉ.आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष के.एन. कांडे सहित प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित छत्तीसगढ़ शासन के गृह मंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में बौद्ध समाज एवं प्रमुख बौद्ध स्थलों की जानकारी प्रमुखता से दी। प्रज्ञागिरी ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद खांडेकर ने 6 फरवरी 2026 को डोंगरगढ़ में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित करते हुए प्रज्ञागिरी डोंगरगढ़ में चल रहे निर्माण कार्यों को विस्तार से बताया एवं प्रज्ञागिरी पहाड़ी ऊपर परिसर तक जाने हेतु पहुंच मार्ग के लंबित प्रस्ताव को शीघ्र क्रियान्वित करने की मांग की। भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े ने छत्तीसगढ़ में निवासरत बौद्ध समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी देते हुए प्रक्रिया का सरलीकरण करने एवं जाति प्रमाण पत्र के लिये मांगे जाने वाले वर्ष 1950 के दस्तावेज की बाध्यता को समाप्त कर , छत्तीसगढ़ राज्य गठन को आधार मानकर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की ।साथ ही नया रायपुर अटल नगर में बौद्ध समाज के लिए 5 एकड़ भूमि आबंटित करने की मांग की। भोजराज गौरखेड़े ने छत्तीसगढ़ शासन अन्तर्गत गठित होने वाले निगम,आयोग एवं प्राधिकरण में बौद्ध समाज के कम से कम 2 सदस्यों को अध्यक्ष/उपाध्यक्ष पद पर प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग की। छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज के प्रदेश अध्यक्ष अनिल खोबरागड़े ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी को अटल नगर नया रायपुर में नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की आदमकद प्रतिमा लगाने संबंधी बौद्ध समाज की मांग से अवगत कराया। अनिल खोबरागड़े ने कोंडागांव जिला के भोंगापाल में स्थित पुरातात्विक महत्व के 6वीं शताब्दी में निर्मित विशाल बौद्ध प्रतिमा एवं बौद्ध चैत्यगृह का संरक्षण कर बुद्धिस्ट सर्किट से जोड़ने एवं इस क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप विकसित करने की मांग की। बौद्ध समाज बिलासपुर के अध्यक्ष एवं डॉ.आंबेडकर परिनिर्वाण भूमि सम्मान समिति नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव सारंग राव हुमने ने व उपस्थित सभी सदस्यों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बौद्धगया महाबोधि महाविहार पूर्ण रूप से बौद्धों को सौंपते हुए बीटी एक्ट 1949 पूर्णतः रद्द किया जाए एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाए। डॉ.आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष श्री के.एन.कांडे ने बुद्ध कालीन विरासत सिरपुर को केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत शामिल कर बुद्धिस्ट सर्किट से जोड़ते हुए सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय ऐतिहासिक पर्यटक स्थल के रूप में मान्यता दी जाए।
इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने मेफेयर लेक रिसॉर्ट में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया तत्पश्चात उपरोक्त मांगों से संबंधित ज्ञापन देते हुए बौद्ध समाज की मांगों के प्रति सकारात्मक सहयोग करने का निवेदन किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अनिल गजभिए अध्यक्ष दलित पैंथर सेना, भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश सचिव शैलेश बड़गे, प्रज्ञा गिरी ट्रस्ट के सचिव शैलेंद्र डोंगरे, ट्रस्टी सुनील नागदेवे एवं विजय टेंभुरकर,अयस खांडेकर आदि उपस्थित थे।

