मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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किसी का दिल जीतना कोई आसान काम नहीं है। यह सिर्फ एक मुलाकात में हो जाए, ऐसा भी मुमकिन है और ऐसा भी होता है कि आप पूरी ज़िंदगी लगा दें, लेकिन किसी के दिल में जगह ना बना पाएँ। यह बात इंसान के व्यक्तित्व, व्यवहार और इरादों पर निर्भर करती है। यह कहावत हमें सिखाती है कि लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। यह जरूरी नहीं है कि एक अच्छा काम हमेशा स्थायी प्रभाव छोड़ता है या एक बुरा काम हमेशा स्थायी नुकसान पहुंचाता है। किसी का दिल जीतना या खोना बहुत हद तक व्यक्ति के स्वभाव और कर्मों पर निर्भर करता है, न कि केवल समय और परिस्थितियों पर। एक अच्छा स्वभाव और सकारात्मक दृष्टिकोण लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस सकता है, जबकि एक बुरा स्वभाव किसी को भी दूर कर सकता है।
वहीं जब इंसान अहंकार और स्वार्थ के कारण खुद को सबसे ऊपर मानता है और सिर्फ अपने फायदे के बारे में सोचता है, तो लोग उससे दूर होने लगते हैं क्योंकि यदि आप किसी का विश्वास तोड़ते हैं, तो एक बार खोया हुआ भरोसा दोबारा हासिल करना बहुत मुश्किल हो जाता है। कोई एक पल में दिल जीत लेता है, कोई ज़िंदगी भर नहीं जीत पाता—यह कथन व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार और दृष्टिकोण की गहराई को उजागर करता है। लोगों को प्रभावित करने या उनका दिल जीतने के लिए केवल समय देना ही काफी नहीं होता, बल्कि इसके लिए कुछ विशेष गुण और व्यवहार की आवश्यकता होती है । एक पल में दिल जीतने वाले लोग कोई जादूगर नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व में कुछ ऐसी बातें होती हैं, जो दूसरों को सहजता से आकर्षित करती हैं।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

