

मूकनायक/अजय अनंत
बिलासपुर
लेह में 24 सितम्बर 2025 को हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके गांव उलेटोक्पो से गिरफ़्तार कर लिया गया है।सर्व दलीय एवं जन संगठनों का संयुक्त मंच ने गिरफ्तारी के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। लेकर एक विरोध प्रदर्शन किया और सर्व दलीय एवं जन संगठनों के सभी नेताओं ने उनकी रिहाई की मांग की।
सर्व दलीय एवं जन संगठनों का संयुक्त मंच के संयोजक - रवि बनर्जी ,आयोजक सरदार जसबीर सिंग गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) प्रमुख लखन सुबोध,एम डी सतनाम (केन्द्रीय संगठक GSS), बिलासपुर, अब्दुल वाहिद सिद्धिकी सामाजिक कार्यकर्ता मोपका,पास्टर अनीसचरन, कोटा विधायक अटल, श्रीवास्तव कामरेड पवन शर्मा सभी ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए अपने उद्बोधन में शीघ्र रिहाई की मांग की।
GSS प्रमुख लखन सुबोध ने कहा कि, RSS, भाजपा शासन का ऐसे अलोकतांत्रिक रवैया नई बात नहीं है इनकी ए घिनौना करतूत का कड़ी निन्दा करते हैं और संविधान एवं कानून को बचाने के लिए हमें जेल भरो आंदोलन करना पड़े तो करेंगे।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम बीते साल से अलग-अलग मौकों पर लद्दाख को संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आमरण अनशन और दिल्ली तक मार्च कर चुके हैं।
बीते साल मार्च में उन्होंने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे छठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए 21 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. वहीं अक्तूबर 2024 में ही इसी मांग को लेकर उन्होंने लद्दाख से दिल्ली तक पैदल मार्च निकाला था।
सोनम वांगचुक भारत के एक अभियंता, नवाचारों और शिक्षा सुधारक हैं। इनका जन्म 1 सितंबर 1966 में हुआ था। वह छात्रों के एक समूह द्वारा 1988 में स्थापित स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एस ई सी ओ एम एल) के संस्थापक-निदेशक भी हैं। सोनम को एसईसीएमओएल परिसर को डिजाइन करने के लिए भी जाना जाता है जो पूरी तरह से सौर-उर्जा पर चलता है।
आम जनता के हितों के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक को इस तरह से गिरफ्तार कर प्रताड़ित करना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता है। इस घटना से आम जन में रोष है।
वक्ताओं ने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे एक महान चिंतक, अभियंता, शिक्षा सुधारक को एक अपराधी की तरह गिरफ्तार करने का कृत्य घोर आपत्तिजनक, निंदनीय एवं शर्मनाक है। सरकार के इस दमनकारी कृत्य की हम घोर निन्दा एव विरोध करते हैं।

