मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
गोंडा। समाजवादी पार्टी युवजन सभा की प्रदेश महासचिव बहन सुशीला गौतम पर हुए हमले के बाद सोमवार को उनके निजी आवास पर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और उनके चाहने वालो का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में जुटे लोग हमले की घटना से गुस्से में नजर आए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बहन सुशीला गौतम को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, अन्यथा आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।
कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने साफ कहा कि अगर भविष्य में बहन सुशीला गौतम को किसी भी प्रकार की परेशानी या हमला होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में गोंडा से लेकर पूरे प्रदेश स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर लखनऊ तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस घटना ने युवाओं में गहरी नाराजगी भर दी है। मौके पर मौजूद सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं के चेहरों पर आक्रोश साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल सुशीला गौतम पर नहीं बल्कि प्रदेश की उन तमाम बेटियों पर है, जो राजनीति और सामाजिक सेवा में आगे बढ़ना चाहती हैं।
पत्रकारों से बातचीत में बहन सुशीला गौतम ने कहा कि यह हमला पूरी तरह से साजिशन था। उन्होंने बताया कि एक मामूली नोकझोंक को सुलझ जाने के बाद, सुनसान जगह पर उन्हें अकेला पाकर हमला किया गया। स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों की तत्परता से वह सुरक्षित बच सकीं। सुशीला गौतम ने कहा कि हमलावरों ने न सिर्फ उनकी गाड़ी पर हमला किया बल्कि असलहा लेकर जान से मारने की कोशिश की। गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया और उनके भाई को भी चोटें आईं।
उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों पर केवल 151 की कार्यवाही कर उन्हें छोड़ दिया गया। यह प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुशीला गौतम ने कहा, “एक दलित लड़की जब समाज में आगे बढ़ती है, तो कई लोगों के पेट में जलन होने लगती है। मुझे रोकने के लिए यह हमला किया गया है। लेकिन मैं हार मानने वाली नहीं हूं। आज मैं जिस मुकाम पर हूं, वह आप सबके प्यार और संविधान की बदौलत हूं।”
हमले की घटना से नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो गोंडा ही नहीं, पूरे प्रदेश में बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। सभा में मौजूद नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी।
लोगों का कहना है कि जिस तरह से एक महिला नेता पर असलहा लेकर हमला किया गया, यह प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हकीकत बयां करता है। वहीं, युवाओं में इस घटना को लेकर गुस्सा और जोश दोनों ही देखने को मिला। कई युवाओं ने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन चुप बैठा रहा तो वे सड़क पर उतरकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
इस बीच, गोंडा के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक प्रदेश महासचिव पर हमला करने वाले अपराधियों को इतनी आसानी से क्यों छोड़ा गया?
कुल मिलाकर, बहन सुशीला गौतम पर हुआ हमला न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है बल्कि आम जनता और युवाओं के बीच गहरा आक्रोश फैला रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सुशीला गौतम को सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।

