मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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यह सत्य है कि संसार में हमें हर चीज़ के विकल्प मिल जाते हैं, लेकिन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण विकल्प स्वयं का है। इस विकल्प को अपनाकर ही हम एक संतुष्टिदायक और सफल जीवन जी सकते हैं। यह विचार हमें याद दिलाता है कि हमें अपने भीतर ही झांकना चाहिए, अपनी सोच को बदलना चाहिए और अपने कार्यों में सुधार करना चाहिए। यही वह रास्ता है, जो हमें स्वयं को बेहतर बनाने और अपने जीवन को एक नई दिशा देने में मदद कर सकता है।
संसार में सबका विकल्प है, लेकिन खुद का कोई विकल्प नहीं है। मुश्किल यह नहीं है कि कोई ग़ैर हमें क्यों नहीं पहचानते, मुश्किल तो यह है कि हम स्वयं को क्यों नहीं पहचानते ! ‘समझ की सुगंध’ कहती हैं, किसने क्या किया, कोई मायने नहीं रखता परंतु हम क्या कर रहे हैं, यह बहुत मायने रखता है। इसलिए मन को मजबूत बनाइए कि किसी के भी व्यवहार से मन की शांति भंग ना होने पाए । भलाई और अच्छाई के रास्ते कभी मत छोड़िए आप की गैरहाजिरी में लोग इसी को याद रखेंगे। स्वयं को स्वस्थ और प्रसन्न रखना बेहद जरूरी है ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

