अधिकारियों और दुकानदार के बीच लेन देन की चर्चाओं का बाजार गर्म
थाना पहुंचने के बाद भी पुलिस को नहीं दी गई सूचना
मूकनायक अंकित सरकार
बालाघाट/ मध्य प्रदेश
किरनापुर। किरनापुर थानांतर्गत ग्राम हिर्री में 9 सितंबर की दोपहर को बिरनवार ट्रेडर्स हिर्री में लोहे से भरे ट्रक क्रमांक सीजी 04 पीएम 6957 को जीएसटी अधिकारियों ने पकड़ लिया था। उक्त ट्रक को अधिकारियों द्वारा किरनापुर थाना परिसर के सामने लाया गया था, लेकिन अधिकारियों ने थाने में कोई सूचना नहीं दी। इसके बजाय, उन्होंने दुकानदार से मिलकर ट्रक को छोड़ दिया। इस मामले में क्षेत्र में जनचर्चा है कि जीएसटी अधिकारियों और दुकानदार के बीच लेन-देन हुआ था। दुकानदार ने अधिकारियों को बिल और बाउचर दिखाए जिसके बाद उन्होंने ट्रक को छोड़ दिया। लेकिन यह सवाल उठ रहा है कि पहले ही मौका स्थल पर जब अधिकारियों ने ट्रक को पकड़ा था, तो उन्होंने बिल और बाउचर क्यों नहीं चेक किए? इस मामले में बिरनवार ट्रेडर्स के संचालक की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अधिकारियों को बिल और बाउचर दिखाए थे, लेकिन इससे पहले चर्चा में उन्होंने कहा था कि लोहे से भरे ट्रक को अधिकारियों ने पकड़ लिया है जिनके पास मै जा रहा हूं। इस मामले में जीएसटी अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने थाने में कोई सूचना नहीं दी और दुकानदार से मिलकर ट्रक को छोड़ दिया। यह सवाल उठ रहा है कि क्या अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाई है?
अरमान ढाबे के सामने हुई डील…..
सूत्रों से मिली जानकारी अधिकारियों द्वारा थाना परिसर के सामने से उक्त ट्रक को अरमान ढाबा के पास ले जाया गया जहां बिरनवार ट्रेडर्स के संचालक धमेंद्र बिरनवार भी पहुंचे जिसके साथ अधिकारियों ने लेन-देन करके लोहे से भरे ट्रक को छोड़ दिया। वहीं जीएसटी अधिकारियों ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है और दुकानदार से ही सवाल किये जाने की बात दोहराई परंतु लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाई है?

