शासकीय हाईस्कूल मुरावली में मनाया गया आर्युवेद दिवस
मूकनायक/ बुद्धप्रकाश बौद्ध पत्रकार ; जिला ब्यूरो चीफ भिंड-दतिया मप्र
दबोह, 22 सितंबर । शासकीय हाईस्कूल मुरावली में “10वाँ आयुर्वेद दिवस” का आज मंगलवार को ग्वालियर से आए आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन सिंह के मार्गदर्शन में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर बाहर से आए हुए अतिथियों ने आर्युवेद दिवस और स्वस्थ जीवन शैली के महत्त्व के बारे में बच्चों और स्कूली स्टाफ को अवगत कराया।
धन्वंतरि और आयुर्वेद का महत्व
आयुर्वेद दिवस भगवान धन्वंतरि की जयंती पर मनाया जाता है, जिन्हें आयुर्वेद का जनक माना जाता है। पुराणों में वर्णित है कि समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश और आयुर्वेद ज्ञान लेकर प्रकट हुए थे। तभी से उन्हें “देवताओं के वैद्य” के रूप में पूजा जाता है। आयुर्वेद, जिसका शाब्दिक अर्थ है “जीवन का विज्ञान”, लगभग 5,000 वर्ष पुरानी चिकित्सा पद्धति है। इसका मुख्य आधार प्राकृतिक उपचार, संतुलित आहार, दिनचर्या, योग और औषधीय जड़ी-बूटियाँ हैं। यह केवल रोगों के इलाज पर नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने पर बल देता है।
योग और स्वास्थ्य संदेश
शिविर में डॉ. सचिन सिंह ने कहा— “आयुर्वेद और योग एक-दूसरे के पूरक हैं। योग से शरीर और मन स्वस्थ रहते हैं, जबकि आयुर्वेद जीवनशैली को संतुलित करने और रोगों से बचाव करने की शिक्षा देता है।”
योग हमारे जीवन का आधार : योग प्रशिक्षक राहुल सिंह कौरव
आयुर्वेद दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में योग प्रशिक्षक राहुल सिंह कौरव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “योग हमारे जीवन में अत्यंत आवश्यक है। यह केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। बिना योग के जीवन अधूरा है।” उन्होंने बच्चों को रोज सुबह जल्दी उठकर नियमित योग और व्यायाम करने की प्रेरणा दी।
राहुल सिंह कौरव ने बताया कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम के अभ्यास से शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा एकाग्रता और स्मरणशक्ति में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि योग अपनाने वाला व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से मजबूत होता है बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त करता है। कोविड काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा— “जब कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरे देश को प्रभावित किया और लोग घरों में कैद हो गए, उस कठिन समय में जिन लोगों ने योग का सहारा लिया, वे आज भी स्वस्थ और संतुलित जीवन जी रहे हैं। यह योग की शक्ति और आवश्यकता को सिद्ध करता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे योग को केवल अवसर विशेष पर न करें बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य टिप्स
संतुलित आहार लें जिसमें दालें, हरी सब्जियाँ और मौसमी फल हों।
सुबह जल्दी उठकर नियमित योग और व्यायाम करें।
स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और प्रदूषण से बचें।
जंक फूड व कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएँ।
विद्यार्थियों के अनुभव
कक्षा 10 वीं की छात्रा कीर्ति सोनी ने कहा— “आज हमें समझ आया कि आयुर्वेद केवल दवाओं तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन जीने की सही पद्धति भी बताता है।” वहीं कक्षा 10 वीं के छात्र अभिषेक शाक्य ने कहा— “योग और स्वच्छता से जुड़ी बातें हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं। हम इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे।”
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन सिंह, आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुरावली के कर्मचारी गौरव पाल (दवासाज), राहुल सिंह कौरव (योग प्रशिक्षक) और चरण सिंह कौरव (योग सहायक) मौजूद रहे। इस आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर प्राचार्य भूपेंद्र कुशवाह, तार बाबू कौरव, ईसब खान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

