Thursday, February 26, 2026
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बोधगया महाबोधी महाविहार, महू जन्मभूमी,नागपूर दीक्षाभूमी मुक्ति के लिए 17सितम्बर को पूरे देशमे जन आक्रोश आंदोलन

मूकनायक/बौद्धाचार्य पूरणमल बौद्ध
राजस्थान

मुंबई – महाबोधी महाविहार आंदोलन के प्रणेता भंते अनागारिक धम्मपालजी एवं पेरियार स्वामी जयंती और भय्यासाहेब आम्बेडकर स्मृतीदिन के उपलक्ष्य में आंदोलन का टप्पा 2 नुसार पुनः डॉ बाबासाहेब आम्बेडकर द्वारा स्थापित भारत के बौद्धोंकी मातृसंस्था दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (भारतीय बौद्ध महासभा), समता सैनिक दल, बौद्ध महासभा भिक्खु संघ एवं तमाम बुद्ध आंबेडकर विचार धाराके समाज संघटन के माध्यम से बाबासाहेब आंबेडकर जी के पोते डॉ भीमराव य.आम्बेडकर जी के नेतृत्व में दिनांक 17/9/2025 के जन आक्रोश आंदोलन मोर्चा तीन मांगो के लिए पूरे देशके राज्य मंत्रालय एवं जिलाअधिकारी कार्यालय पर आयोजन किया गया है l तीन मांगे निम्न नूसार है,
1)तथागत भगवान बुद्ध को बुद्धत्व का ज्ञान प्राप्त हुआ वह जागतिक बौद्धांका बोधगया महाविहार बोद्धोंको नियमन करणे को देणे के बजाय बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 बिहार सरकार द्वारा पारित अधिनियम है, ये अधिनियम के अनुसार 9 सदस्य में बौद्ध केवल 4 सदस्य हैl ये बुद्धगया महाविहार के प्रबंधन के मामले में संविधानिक अधिकारों (अनुच्छेद 25 और 26) का उल्लंघन मानते हैं, बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 पूरी तरह से संविधान के अनुच्छेद 13 के विरोधी है। इसलिए, अनुरोध करते हैं कि, बौद्धों को महाबोधी महाविहार के पूर्ण प्रबंधन का अधिकार सौंप दिजीए जिसमें भारतरत्न डॉ बाबासाहब अम्बेडकर जी के पौत्र तथा दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के ट्रस्टी, राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आद.डॉ भीमराव यशवंतराव अम्बेडकर जी का होना अनिवार्य किजीऐ l
2)भारतरत्न डॉ बाबासाहब अम्बेडकर जी का भव्य स्मारक, उनके जन्म स्थल महू में निर्माण कर, मध्यप्रदेश सरकार के माध्यम से बहुत ही सराहणीय महान कार्य किया है l यह स्मारक का वर्तमान प्रबंधन बाबासाहेब के विचारधारा के विपरीत हो रहा है l वहां पर जयभीम की जगह, अन्य
घोषणा हो रही है l इस लिये वहां देश विदेश से आने वाले लाखो भीम अनुयायी व्यथित है और उनका आक्रोश चरम सीमा पर पहुंच गया हैl उसके विरोध में लगातार आन्दोलन महु, इंदौर तथा देशभर में चल रहा है. अत: हम आपके नेतृत्व में चल रहे मध्यप्रदेश सरकार से अनुरोध करते है की, महु जन्म स्थली के स्मारक का पूरा प्रबंधन समिती के संविधान नुसार दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया/डॉ भीमराव य आंबेडकर जी को सौंप कर भीम अनुयायीयों को न्याय प्रदान कर महामंगल कार्य करें l
3)नागपूर दीक्षाभूमी का निर्माण करने का मूल शासकीय सम्मती पत्र तत्कालीन मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण जी ने डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर जी के सुपुत्र तथा दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के द्वितीय राष्ट्रीय अध्यक्ष यशवंतराव भीमराव अम्बेडकर जी के नाम से जारी किया था l लेकीन बाद में दीक्षाभूमी स्मारक निर्माण समिती ने दीक्षाभूमी पर असंवैधानिक रुप से कब्जा कर रखा हैl दीक्षाभूमि पर पार्किंग के नाम पर विद्रूपिकीकरण किया गया, उस के विरोध में संविधान चौक, नागपूर में और देशभर में भीमसैनिकोंद्वारा लगातार आन्दोलन चलाया जा रहा हैl अनुरोध करते है की, दीक्षाभूमी नागपूर का विद्रूपिकीकरण दूर कर , उसका पूरा प्रबंधन दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (डॉ बाबासाहब अम्बेडकर जी के पौत्र डॉ भीमराव यशवंतराव अम्बेडकर जी) को सौंपने का कुशल कर्म करें l
ये तीनों विषयोंमें सन्माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने अपने अपने राज्य सरकार द्वारा उचित कार्यवाही करके, आप हमारे अनूशासनप्रिय समाज को न्याय प्रदान करणे का कुशल कर्म करे ऐसा निवेदन तीनों राज्य के मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रपती महोदया, पंतप्रधान यांना जिलाधिकारी द्वारा और ईमेल द्वारा देणे वाले हैl

(एड एस के भंडारे )
ट्रस्टी/राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,
केंद्रीय कार्यालय प्रमुख
समता सैनिक दल
दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया

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