मूकनायक / बुद्धप्रकाश बौद्ध पत्रकार भिंड -दतिया मप्र
दबोह (भिंड), 08 सितंबर । नगर परिषद दबोह के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अतुल रावत पर नागरिकों ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि सीएमओ रावत न तो फोन रिसीव करते हैं और न ही बाद में कॉल बैक करने की जहमत उठाते हैं। इससे आमजन की समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं और नगर परिषद की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जरूरी सूचनाओं पर भी चुप्पी
नागरिकों का कहना है कि कई बार ऐसी स्थिति आती है जब तत्काल सूचना देना बेहद जरूरी होता है –
—नालियों में गौवंश के गिरने की घटना
सफाई व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायत
सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को लेकर सुझाव
लेकिन बार-बार कॉल करने के बावजूद सीएमओ का फोन नहीं उठता। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि उनका व्यवहार ऐसा लगता है मानो वे “नशे में धुत्त हों और फोन उठाने की जहमत तक न उठाएं।”
जनता में बढ़ रही नाराज़गी
दबोह के एक वार्डवासी ने बताया—“नगर परिषद का काम जनता की समस्याएं सुनना और समाधान करना है, लेकिन सीएमओ का फोन ही नहीं लगता। अगर कोई आपात सूचना हो तो हम जाएं कहाँ?”इसी तरह, एक नागरिक ने कहा कि—“फोन न उठाना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ उपेक्षा है। इससे साफ है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं ले रहे।”
जवाबदेही पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सीएमओ के इस रवैये से नगर परिषद की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारी इस लापरवाह रवैये पर संज्ञान लें और जनता से संवाद सुनिश्चित करें।

