मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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यह बिल्कुल सच है कि हर इंसान को धन-दौलत, पद या सामाजिक दर्जे के बजाय उसके कर्मों, गुणों और व्यक्तित्व के आधार पर सम्मान मिलना चाहिए। वास्तविक सम्मान किसी व्यक्ति की आंतरिक विशेषताओं से आता है जिसमें ईमानदारी, दया या लोगों की मदद करने की क्षमता शामिल है, ना कि उसकी बाहरी संपत्ति से। सम्मान एक ऐसा गुण है, जो हर व्यक्ति के मानवीय गरिमा से जुड़ा है और इसे सभी के साथ साझा करना चाहिए। लोग उन व्यक्तियों का सम्मान करते हैं, जो ईमानदार, भरोसेमंद, दयालु और प्रेमपूर्ण होते हैं ।
किसी व्यक्ति की दूसरों की मदद करने, उनका नेतृत्व करने व उनका मार्गदर्शन करने की क्षमता भी सम्मान का एक प्रमुख कारण है जिसके फलस्वरूप हर व्यक्ति को एक इंसान के रूप में सम्मान मिलना चाहिए, भले ही उसके पास कोई विशेष पद या दौलत ना हो। सम्मान समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने में मदद करता है। सम्मान लोगों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाता है। धन और पद से मिलने वाला सम्मान अक्सर क्षणिक होता है। अगर व्यक्ति अपनी दौलत का दिखावा करे या गलत तरीके से उसका इस्तेमाल करे, तो लोग उसका सम्मान नहीं करते क्योंकि यह बाहरी दिखावा है और व्यक्ति के जाने के बाद या उसकी स्थिति बदलने पर खत्म हो सकता है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

