Thursday, February 26, 2026
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देश की पहली अन्तरिम महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व में नेपाल की राह

विरेंद्र सिंह प्रवक्ता,राजनीति शास्त्र, शिमला,हिमाचल प्रदेश | नेपाल में राजनीतक अस्थिरता के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में आन्तरिम सरकार की स्थापना हो चुकी हैं परंतु उनके सामने कानून और व्यवस्था स्थापित करना, संवैधानिक शासन स्थापित करना,अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना ,पर्यटन का विकास करना,भ्रष्टाचार,भाई–भतीजावाद खत्म करना, रोजगार का प्रबंध करना व प्रतिभा पलायन को रोकना जैसी महत्वपूर्ण समस्या हैं जिन से पार होना चुनौनीपूर्ण हैं| नेपाल में कई कारणों से तंग आकार लोग आंदोलन करने पर मजबूर हो गए| अभी हाल का Gen-Z ऐसा आंदोलन था जहां आंदोलन करने वाले दो –तिहाई से ज्यादा लोग 30 साल से कम उम्र के लोग थे ,जिस कारण इस आंदोलन का नाम पड़ा Gen-Z आंदोलन (एक खास उम्र के लोग जो 1997-2012 इस समय के दौरान पैदा हुए उनको Gen-Z कहा जाता हैं) पड़ा| आखिर यह आंदोलन हुआ क्यों? और सरकार क्यों गिरा दी और इस आंदोलन के कारण नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली व उसके मंत्रिमंडल को इस्तीफा देना पड़ा | नेपाल भारत का पड़ोसी देश होने के साथ बिमस्टेक,सार्क जैसी संस्थाओं का साझेदार भी हैं| नेपाल में लोगों के द्वारा चुनी गई संवैधानिक सरकार थी, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता भी थी,पिछले 15 सालों में नेपाल में 12 बार सरकार बनी | नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता ,भ्रष्टाचार,प्रतिभा पलायन व बेरोजगारी और बहुत सारे कारण थे जिस कारण यह आंदोलन हुआ| किसी भी आंदोलन का तत्कालीन कारण एक होता हैं जैसा 1857 की क्रांति का तात्कालीन कारण चर्बी वाले कारतूस रहा,ऐसा ही नेपाल में भी Gen –Z आंदोलन में देखने को मिला| यहाँ भी तात्कालीन कारण सरकार के द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद कर दिए गए, जिसमें फ़ेसबुक,यूट्यूब ,इंस्टाग्राम व अन्य 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद हो गए, सोशल मीडिया को लेकर बहुत सारी अटकले लगाई जा रही हैं कि आखिर सोशल मीडिया को बैन क्यों किया गया, इसमें मुख्य कारण यह रहा कि Gen-Z लोग सोशल मीडिया के माध्यम से राजनेताओं के भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे थे ,जैसे राजनेताओं की एशों आराम जीवन यापन को Gen-Z द्वारा दिखाया जा रहा था,अभिव्यक्ति की आजादी के तहत सोशल मीडिया को बंद कर दिया जाता हैं| तो उसके विरोध में 8 सितंबर 2025 को Student for Justice व Hami Nepal के द्वारा संसद के सामने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध–पदर्शन किया गया और इस आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा लोगों के सीने पर गोली चलाई गई जिसमें 19 लोगों की मृत्यु हो गई, उसकी प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप हिंसा शुरू हो गई, संसद ,सरकारी आवास व ऐसी संस्थाओं को जो सरकारी शक्ति को प्रदर्शित करती हैं उसे लोगों के द्वारा आग लगा दी गई| यहा तक की पूर्व नेताओं के घर पर भी आग लगा दी गई|जैसे पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी की आग लगने से मृत्यु हो गई व कई राजनेताओं को सड़कों पर ले जाकर उनके साथ हिंसा की गई| नेपाल में लोगों को किसी एक राजनीतिक दल से नाराजगी नहीं थी| Gen-Z आंदोलनकारियों का मानना हैं कि नेपाल में आज तक सभी राजनेता भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे हैं| नेपाल में Gen-आंदोलन होने से पहले भी 1951 का जन आंदोलन (जिसमे राजशाही को खत्म कर दिया गया) 1979 में में छात्रों का आंदोलन 1996 माओवादी विद्रोह व 2001 में भी सरकार व व्यवस्था के विरोध में आंदोलन हुए,यहा पर Gen-Z को व्यवस्था से भी नाराजगी थी इसलिय सोशल मीडिया बैन करना Gen-Z आंदोलन का केवल एक कारण नहीं रहा |नेपाल में Gen-Z आंदोलन करने के मुख्य कारणों में से बेरोजगारी,प्रतिभा पलायन,भष्टाचार, भाई भतीजावाद, कमजोर शासन व्यवस्था,निरकुश शासन प्रणाली के.पी..शर्मा ओली के निर्णय में निरंकुष्ता देखी गई जिसे आम लोगों ने पसंद नहीं किया|सरकारी प्रतिक्रिया :-इस आंदोलन के कारण सरकार ने सोशल मीडिया से बैन वापिस ले लिया व सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राजनीतिक शून्यता को खत्म करने के लिए पहली महिला भूतपूर्व सर्वोच्च न्यायलय कि मुख्य न्यायधीश रह चुकी सुशीला कार्की कि आगुवाई में अंतरिम सरकार कि स्थापना कि जा चुकी हैं |अन्य देशों कि प्रतिक्रिया : पक्षिचमी देशों का मानना हैं कि अभियक्ति कि स्वतंत्रता होनी चाहिए व भारत ने भी नेपाल में आंदोलनकारियों से शांति स्थापित करने की अपील की हैं| बांग्लादेश ने अपने देश के लोगों को सुरक्षित व सतर्क रहने की अपील की| अमेरिका के द्वारा भी शांति स्थापित करने की अपील आंदोलनकारियों से की| निष्कर्ष अब नेपाल में सुशीला कार्की की नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है और सुशीला कार्की देश की पहली महिला प्रधानमंत्री भी बन गई हैं परंतु नेपाल में राजनीतिक अशान्ति भारत के पड़ोसी क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता की चुनीतियों को उजागर करती हैं ,जो व्यापार ,सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभाव को प्रभावित कर रही हैं| भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति सक्रिय भागीदारी की मांग करता हैं,जिसमें मजबूत कूटनीति, रणनीति, सुरक्षा, सहयोग,विकास सहायता तथा सांस्कृतिक संपर्क का समन्वय शामिल हो| इसका उदेश्य क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा करना शामिल हैं| परंतु अब आगे की राह नेपाल कि क्या होगी इसके बारे में स्पष्ट रूप कह नहीं सकते |

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