मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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*धीरे-धीरे जीवन हमें ये सिखाता है कि लोग आएंगे और चले जाएंगे, कभी बिना वजह, कभी बिना अलविदा कहें।शुरुआत में हर बिछड़ना दिल तोड़ता है, परंतु समय के साथ समझ आता है कि हर किसी का आना किसी मकसद से होता है, कुछ प्यार सिखाने, कुछ सब्र और कुछ बस हमें मजबूत बनाने। जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एक संतुलित जीवन है, जिसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, गहरे रिश्ते, संतोष और आध्यात्मिक संतुष्टि का मिश्रण होता है ।
हर रिश्ता हमेशा के लिए नहीं होता, कुछ बस एक चैप्टर की तरह आते हैं और पूरा होते ही चले जाते हैं और तब हमें समझ आता है कि हम गलत नहीं थे, बस कहानी वहीं तक थी। जब ये बात दिल से स्वीकार कर लेते हैं, तब एक अजीब सी शांति मिलती है कि जो हमारे पास है, वही सही है, और जो चला गया, उसका वक्त बस खत्म हो गया था। यही जीवन है, जिसमें लोगों का आना, जाना और हर मोड़ पर खुद को थोड़ा और समझना । जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि व्यक्ति के दिल में खुशी और संतुष्टि पाना है। खुश और संतुष्ट जीवन जीना हमारी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

