मूकनायक /आकाश घरडे़
बालाघाट ( म.प्र)
बालाघाट, 17 सितंबर
ग्राम पंचायत कुम्हारी में आज यातायात पुलिस बालाघाट द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर यातायात थाना प्रभारी यीना रहांगडाले, और
सब इंस्पेक्टर दिनेश तिवारी
असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सुरेश तुरकने, अरविंद गुर्जर,
सुरेंद्र बघेल उपस्थित रहे लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन न चलाने, शराब पीकर वाहन न चलाने, तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समझाया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि “सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है—सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना। यदि प्रत्येक व्यक्ति यातायात नियमों को गंभीरता से माने तो दुर्घटनाओं में काफी कमी आ सकती है।”
जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। साथ ग्राम पंचायत कुम्हारी के सरपंच सावन पिछोडे , ग्राम पंचायत सचिव उमेश्वरी बिसेन,
ग्राम के युवा बुजुर्ग एवं स्कूली बालक ,बालिकायें उपस्थित रहे।
यातायात पुलिस टीम ने न सिर्फ लोगों को समझाया बल्कि बच्चों को भी यातायात संकेतों और सुरक्षित साइकिल चलाने की जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पुलिस विभाग के इस प्रयास की सराहना की और आश्वासन दिया कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करेंगे तथा दूसरों को भी जागरूक करेंगे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुँचाना और हर नागरिक को जिम्मेदार यात्री बनाना था। ग्राम पंचायत कुम्हारी में हुए इस कार्यक्रम ने लोगों में यातायात अनुशासन की नई चेतना जगाई।
बालाघाट से बड़ी पहल : सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा 25 हजार का इनाम
बालाघाट। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की तुरंत मदद करने और उन्हें समय पर अस्पताल पहुँचाने के उद्देश्य से बालाघाट पुलिस ने “राह-वीर/कैशलेस उपचार योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य संदेश है – “जान बचाइए, पुरस्कार पाइए”।
योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाता है, तो उसे ₹25,000 नगद और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। यही नहीं, यदि कोई व्यक्ति लगातार 10 बार घायलों की मदद करता है तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख रुपये तक का सम्मान भी प्राप्त हो सकता है।
इस योजना का मकसद आम लोगों को प्रेरित करना है कि वे सड़क हादसा देखने पर मूकदर्शक न बने, बल्कि तुरंत मददगार बनकर किसी की जिंदगी बचाएँ।
कैशलेस उपचार की सुविधा
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अब ‘मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना 2025’ के तहत चिन्हित निजी और सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा। पीड़ित को अस्पताल पहुँचाने के बाद उसका त्वरित उपचार निःशुल्क रूप से शुरू किया जाएगा।
कोई भी व्यक्ति यदि हादसे के शिकार घायल को तुरंत अस्पताल पहुँचाता है,
पीड़ित को समय पर इलाज मिल पाता है और उसकी जान बचती है,
तो वह ‘राह-वीर’ कहलाएगा और इनाम का हकदार बनेगा।
बालाघाट पुलिस का कहना है कि – “आपका एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है। राह-वीर बनिए, नायक बनिए।”
इस अनोखी पहल से जिले में न सिर्फ सड़क सुरक्षा को बल मिलेगा बल्कि इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।

