मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍🏻✍🏻
वर्तमान समय में अक्सर जो इंसान सच बोलता है, सबसे ज्यादा लोग उसी से नफरत करते हैं क्योंकि सच बोलने वाले अपने वाक्य सीधे बोल देते हैं, यदि उसी सच को मीठी चाशनी में डूबो कर बोलेंगे अर्थात समझदार तरीके से कहां कौन सी बात किस तरीके से कहना है, यदि यह समझ जाएं तो लोग सच बोलने वाले से नफरत नहीं करेंगे। सीधा बोलो, सच बोलो और मुँह पर बोलो का अर्थ है कि जीवन में ईमानदारी, स्पष्टता और सीधेपन से अपनी बात कहनी चाहिए, जिससे सच्चे रिश्ते बने रहें और स्वार्थी लोग दूर हो जाएं। इस नियम का पालन करने से जो लोग वास्तव में परवाह करते हैं, वे आपकी बात को समझेंगे और उसे स्वीकार करेंगे, जबकि जो लोग सिर्फ स्वार्थ के लिए आपके आसपास हैं, वे स्वयं ही दूर हो जाएंगे।
यह नियम आपको सच्चे और ईमानदार रिश्ते बनाने में मदद करता है। सीधी बात कहने से भ्रम और गलतफहमी दूर होती है। जो लोग आपकी सच्चाई से नाराज़ होते हैं, वे आपकी असलियत दिखाते हैं और ऐसे लोग आपसे दूर हो जाते हैं। अपनी बात को स्पष्ट रूप से कहना आपके आत्म-सम्मान को बढ़ाता है। वहीं जो लोग आपके सीधेपन और सच को स्वीकार करते हैं, वे आपके सच्चे अपने बन जाते हैं। यदि आपके आसपास के लोग केवल नाम के हैं, तो वे आपके सीधेपन से दूर हो जाएंगे, जिससे आप कुछ हद तक अकेले रह सकते हैं। यह नियम हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सच्चाई और ईमानदारी के साथ पेश आना चाहिए। भले ही यह कभी-कभी मुश्किल लगे, लेकिन लंबे समय में यह हमारे लिए और हमारे रिश्तों के लिए सबसे अच्छा होता है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

