
मूकनायक /महिपाल सिंह टंडन
रायपुर छत्तीसगढ़
रायपुर, दिनांक 06/08/2025 : छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से चल रही हड़ताल को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के ठोस आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया है। बुधवार को सरकार और तहसीलदार संघ के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद गुरुवार से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने-अपने कार्यालयों में काम पर लौट आए हैं। इससे प्रदेश में राजस्व संबंधी कामकाज फिर से सुचारू हो गया है।
हड़ताल का कारण और मांगे
छत्तीसगढ़ तहसीलदार और नायब तहसीलदार संघ अपनी वेतन विसंगति, पदोन्नति, नायब तहसीलदारों को समय पर तहसीलदार बनाने, और अन्य प्रशासनिक मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- वेतन विसंगति का निराकरण: नायब तहसीलदारों के वेतनमान को बढ़ाने की मांग, जो लंबे समय से लंबित है।
- पदोन्नति में देरी: नायब तहसीलदारों को समय पर तहसीलदार के पद पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया में तेजी लाना।
- राजस्व निरीक्षक का पदोन्नति कोटा: राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नति के लिए कोटा बढ़ाना।
- राजस्व न्यायालयों के अधिकार: तहसीलदार न्यायालयों को और अधिक अधिकार देना ताकि राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा शीघ्र हो सके।
- अन्य प्रशासनिक सुधार: कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
सरकार और संघ के बीच समझौता
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने तहसीलदार संघ के पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की। उन्होंने संघ को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और चरणबद्ध तरीके से उनका निराकरण किया जाएगा। मंत्री वर्मा ने विशेष रूप से वेतन विसंगति और पदोन्नति से संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का वादा किया। इस आश्वासन के बाद संघ ने सर्वसम्मति से हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया।
जनता को राहत
इस हड़ताल के कारण प्रदेशभर में राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज, जैसे कि जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र बनाना, नामांतरण और सीमांकन आदि बुरी तरह से प्रभावित थे। लोगों को इन जरूरी कामों के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी। हड़ताल समाप्त होने और अधिकारियों के काम पर लौटने से आम जनता ने राहत की सांस ली है।

