

मूकनायक
कमलेश लवहात्रै
छत्तीसगढ़
डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर वाचनालय उरला दुर्ग में माह के पहले रविवार बच्चों को "बुद्ध और उनका धम्म" में "तपस्चर्या का त्याग" साक्षी बौद्ध द्वारा पढ़ाया , समझाया और इसके साथ ही बिन्दुवार अनुच्छेद में लिखवाया गया । इसके पश्चात बच्चों से लिखित प्रश्न किए और बच्चों ने लिखित में स्वविवेक उत्तर दिए । कक्षा की शुरुआत बुद्ध,धम्म,संघ त्रिरत्न वंदना से हुई और अक्षिता द्वारा 22 प्रतिज्ञा का वाचन कर कक्षा का समापन हुआ ।
गौरतलब है कि बच्चें इतिहास पढ़ेंगे तभी अपना भविष्य गढ़ेंगे ।
सभी प्रबुद्ध जनों से आव्हान किया की कि अपने अपने नगर में अपनी सुविधानुसार और सुनियोजित समयानुसार सप्ताह में एक दिन प्रत्येक रविवार को संडे मिशन स्कूल का संचालन कीजिए । ताकि बच्चों को तथागत बुद्ध का उपदेश , डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर का संदेश और संविधान का आदेश की जानकारी हो । आपका आज का कर्म बच्चों के लिए कल का मर्म होगा।

