

मूकनायक/ हसन अली
बिलासपुर छत्तीसगढ़
पत्रकार कॉलोनी स्थित लाइफलाइन न्यूट्रिशन सेंटर ‘वैलनेस भवन’ में स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उरांव समाज की अध्यक्ष, रंगिया प्रधान मैडम और प्रतिष्ठित समाजसेवी, अलीम अंसारी रहे।
आयोजन की जिम्मेदारी इंटरनेशनल सीनियर वेलनेस कोच कृष्णा राम प्रधान और अमिता प्रधान ने निभाई, जबकि सहआयोजन में लाइफलाइन नुट्रिशन सेंटर और वैलनेस भवन के सभी सीनियर वेलनेस कोच सक्रिय रूप से शामिल रहे।
ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बाद संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन हुआ। इस मौके पर यह संदेश दिया गया कि देशभक्ति केवल युद्धभूमि में बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान की भावना के अनुरूप ईमानदारी, भाईचारा, सेवा और स्वस्थ जीवन जीना ही सच्ची देशभक्ति है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग भरे। शिलावती प्रधान और प्रेरणा ने मनमोहक देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि जितेंद्र अंचल और सर्वेश गुप्ता ने गीतों से वातावरण को देशप्रेम से सराबोर कर दिया।
मुख्य अतिथि रंगिया प्रधान मैडम ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आज़ादी में सभी समाजों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी समाज के महानायक बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू मुर्मू, टंट्या भील, भीमा नायक, गुंडाधुर और वीर नारायण सिंह को याद किया और कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सभी को समान अधिकार दिए हैं।
दूसरे मुख्य अतिथि अलीम अंसारी जी ने अपने संबोधन की शुरुआत आज़ादी में शहीद होने वाले सभी क्रांतिकारी व स्वतंत्रता के लिए तन, मन, धन से योगदान देने वाले महानायकों को याद करते हुए की। उन्होंने समाज के काम आने और समाज सेवा के लिए लोगों को प्रेरित किया। साथ ही कहा कि ‘शिक्षा और स्वास्थ्य’ ही सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने बताया कि अमान अंसारी फाउंडेशन ‘हेल्पर’ की स्थापना का उद्देश्य समाज में भाईचारा, शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए लोगों को सशक्त बनाना है।
उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से यह संदेश दिया कि भाईचारा और इंसानियत ही समाज को मजबूत बनाते हैं।
कार्यक्रम में सेंटर आने वाले सभी गेस्ट ने बारी बारी से अपने टेस्टिमोनियल्स साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर काम करके अब एक हेल्दी और सक्रिय जीवन जीना शुरू किया है।
आयोजकों की ओर से यह विशेष संदेश दिया गया कि स्वतंत्रता का असली आनंद तभी है जब हम स्वस्थ रहें। एक स्वस्थ नागरिक ही देश के लिए अधिक योगदान दे सकता है।
अंत में अतिथियों को सम्मानित किया गया और सभी उपस्थित लोगों ने ‘जय भारत, जय संविधान, हिन्दुस्तान ज़िंदाबाद’ के नारों के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाकर इस यादगार आयोजन का समापन किया।

