
स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ द्वारा – “पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियाँ बरसाओ” का दिया नारा
मूकनायक/गौतम बालबोंदरे
छत्तीसगढ़
भिलाई नगर। स्वच्छ एवं हरित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ ने एक विशेष पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान का आयोजन किया। इस अवसर पर समिति के सुप्रसिद्ध नाड़ी वैद्य बिरेंद्र कुमार देशमुख एवं संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में 130वां स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता सप्ताह मनाया गया।
कार्यक्रम के तहत रिसाली सेक्टर, भिलाई नगर स्थित ब्लॉक 31/2 एवं 34/2 के सामने स्थित गार्डन को समिति ने गोद लिया। यहां पर आम के आठ फलदार पौधे, बादाम के छह पौधे एवं नीम का एक छायादार पौधा लगाया गया। सभी पौधों को सुरक्षा घेरे में रखकर देखभाल की व्यवस्था की गई। इस गार्डन को आगे चलकर “स्वच्छ धरा वन” के नाम से विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि समिति ने केवल नए पौधे ही नहीं लगाए बल्कि पहले से लगाए गए पौधों के आसपास मौजूद खरपतवार, गाजर घास एवं अन्य अवांछित झाड़ियों को उखाड़कर निर्धारित स्थान पर डंप किया। आस-पड़ोस के निवासियों ने इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं उठाई।

समिति का उद्देश्य
समिति के सदस्य श्याम राय ने बताया कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति लगातार लोगों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा –
“हमारे इस अभियान से लोग प्रेरित होकर अपने मोहल्लों और क्षेत्रों में भी पौधारोपण एवं स्वच्छता के कार्य कर रहे हैं। यही इस मुहिम की सबसे बड़ी सफलता है।”
अपील
संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने आम नागरिकों से अपील की कि—
“हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में स्वच्छता और पौधारोपण का कार्य करे। तभी हमारा गांव, गली, शहर, महानगर और देश वास्तव में ‘हरा-भरा, स्वच्छ धरा’ बन पाएगा।”
गाजर घास उन्मूलन अभियान
समिति ने अपने वार्षिक गाजर घास उन्मूलन अभियान के तहत गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया। समिति ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि आपके आसपास गाजर घास दिखाई दे तो उसे तुरंत हटाएं, ताकि वह फैल न सके। इसके अलावा अनावश्यक खरपतवार, प्लास्टिक, गुटखा पाउच, दोना-पत्तल आदि को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया।


समिति की सक्रिय टीम
इस पुनीत कार्य में संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, प्रदेश संयुक्त सचिव सुरेंद्र साहू, विजय कुमार सिंह, भानु शंकर बेलचंदन, श्याम राय, महेंद्र यादव, कार्तिक राम चंद्राकर, टीनल हरदेल, श्वेता जैन, सरोज टहनगुरिया, निकिता जयेश शिंगणे, दाऊ लाल बघेल, भागीरथी सिन्हा सहित अनेक सदस्य सक्रिय रूप से शामिल हुए।

