
मूकनायक/छत्तीसगढ़
कमलेश लवहात्रै
बिलासपुर।
ननों की गिरफ्तारी और कथित रूप से बजरंग दल द्वारा की गई दबाव की राजनीति को लेकर शनिवार को स्थानीय इंडियन कॉफी हाउस में सर्वदलीय एवं जन संगठनों के संयुक्त मोर्चे की बैठक संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से घटना की कड़ी निंदा करते हुए छत्तीसगढ़ में उत्पन्न संवैधानिक संकट को लेकर चिंता जताई गई। इसके साथ ही 11 अगस्त को कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता संयुक्त मोर्चा के संयोजक रवि बनर्जी ने की। वरिष्ठ किसान नेता नंद कश्यप ने संवाद की शुरुआत करते हुए दुर्ग की घटना की पृष्ठभूमि, बजरंग दल की भूमिका, नेताओं की प्रतिक्रियाएं और जमानत उपरांत की परिस्थितियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नागरिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है, और इन घटनाओं के खिलाफ समाज को जागरुक करना ज़रूरी है।
बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पवन शर्मा, कांग्रेस के राकेश शर्मा, अभय नारायण राय, सीपीआईएमएल से लल्लन राम. मसीह समाज से एडवर्ड मसीह
एडवोकेट शौकत अली, आर. मुखोपाध्याय और एस. के. जैन सहित अनेक प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ दल और उनके सहयोगी संगठनों द्वारा धार्मिक उन्माद फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
संयुक्त मोर्चे के संयोजक रवि बनर्जी ने जानकारी दी कि ज्ञापन के बाद एक और बैठक आयोजित कर अगले चरण के कार्यक्रम तय किए जाएंगे। जनजागरण अभियान, पर्चा वितरण और संवाद के ज़रिए दुर्ग की घटना की सच्चाई जनता तक पहुँचाई जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से कामरेड नंद कश्यप, पवन शर्मा, संतोष कुमार जैन, एडवर्ड मसीह, एच.डी. पाईन, लल्लन राम, एडवोकेट शौकत अली सहित अन्य सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

