मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। सोनहा थाना क्षेत्र के एक गाँव में दलित बालिका के साथ विशेष समुदाय के युवक द्वारा दुराचार का प्रयास किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के उजागर होते ही स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बन गया है। शनिवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष अजय कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का एक दल पीड़ित परिवार के घर पहुँचा। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि न्याय की लड़ाई में पूरा संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सोनहा थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विशेष समुदाय से जुड़े लोग लगातार पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। परिवार पहले से ही सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर है, जिसके चलते वह भय और असुरक्षा की स्थिति में जी रहा है। भीम आर्मी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह तत्परता से कार्रवाई करे और पीड़ित परिवार को सुरक्षा का अहसास कराए।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमलेश सचान ने थानाध्यक्ष से साफ तौर पर कहा गया है कि वे मामले में लापरवाही न बरतें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक विशेष समुदाय के आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि प्रशासन और पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो इसका गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे।
कमलेश सचान ने चेतावनी देते हुए कहा कि गरीब दलित परिवार को न्याय दिलाने में यदि बाधाएँ खड़ी की गईं और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई न हुई तो भीम आर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि संगठन सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगा और जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन की राह भी अपनाई जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें सत्य प्रकाश, शिवरतन, अजय आजाद, विकास, उदय आदि प्रमुख थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि दलित समाज की बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल सोनहा पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है, लेकिन भीम आर्मी लगातार मामले की निगरानी कर रही है। संगठन ने साफ किया है कि जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

