मूकनायक//देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हर दर्द की दवा है, इस जमाने में, बस किसी के पास “कीमत” नहीं, किसी के पास “किस्मत” नहीं। इसलिए समय के साथ बदल जाना बहुत जरूरी है, क्योंकि समय बदलना सीखाता है, रुकना नहीं ।बरसों पहले फिल्म नमक हराम में एक संदेश था:- मौत से बचने का सबसे शानदार तरीका है। दूसरों के दिलों में जिंदा रहना सीख लो! ये कफन! ये जनाजे, ये कब्र! सिर्फ बातें हैं। वरना मर तो इंसान तभी जाता है। जब याद करने वाला कोई ना हो।
यहां यह भी सच है कि हँसी एक असरदार दवा है। यह लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती है जिससे शरीर में स्वस्थ शारीरिक और भावनात्मक बदलाव आते हैं। हँसी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करती है, मूड को बेहतर बनाती है, दर्द को कम करती है और आपको तनाव के हानिकारक प्रभावों से बचाती है। याद रखना, तारीफें दिन बनाती हैं, ताने जिंदगी। युद्ध हो या जीवन -सफलता केवल तीन शस्त्रों से प्राप्त होती है। कर्म, धैर्य, और साहस..!
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

