गिरफ्तारी या 30 दिन हिरासत में रहने पर होगी CM – PM की पद समाप्ति
बुद्धप्रकाश बौद्ध, मूकनायक, जिला ब्यूरो चीफ भिण्ड मप्र
दबोह, 20 अगस्त/ मूकनायक । केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित उस बिल पर विरोध के स्वर तेज़ हो गए हैं, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई सांसद, विधायक या जनप्रतिनिधि लगातार 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसकी सदस्यता और पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए ओबीसी महासभा छात्र प्रकोष्ठ दबोह के मंडल अध्यक्ष शिवम् रजक ने कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र में मुक़दमा लगना और जेल जाना कोई असाधारण घटना नहीं है। अक्सर सत्ता में बैठी सरकारें अपने विरोधी दलों के जनप्रतिनिधियों पर मनमाने मुक़दमे दर्ज कराकर उन्हें गिरफ़्तार करती हैं। ऐसे में 30 दिन जेल को आधार बनाकर कुर्सी छीन लेना पूर्णतः असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।” शिवम् रजक ने इसे सरकार की बौखलाहट और विपक्ष को कमजोर करने की साज़िश बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल वोट चोरी को छिपाने और विपक्षी नेताओं को जेल में डालने का हथकंडा है। उन्होंने आगे कहा कि “मैं इस बिल की कड़ी निंदा करता हूँ और एक स्वतंत्र नागरिक होने के नाते सरकार से निवेदन करता हूँ कि हमारे संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए लोकतांत्रिक संविधान की इज्ज़त और गरिमा को बनाए रखे।”

