

मूकनायक/ महेश रामटेके
(ब्यूरो चीफ मंडला जिला-मंडला , मध्यप्रदेश)
मंडला| मंडला जिले के नैनपुर विकासखंड की तिलई और कामता ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूह की आदिवासी महिलाओं ने मिलकर गोंड़ी रक्षा सूत्र नाम से एक अनूठी पहल की। यह सिर्फ एक उत्पाद नहीं बल्कि उनकी मेहनत, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इस पहल के तहत महिलाओं ने गोंड़ीकला से सजे खूबसूरत राखी गिफ्ट हैम्पर तैयार किए हैं। इन हैम्पर्स में हाथों से बनी गोंड़ी चित्रकारी वाली राखियाँ और रुमाल शामिल हैं। ये राखियाँ सिर्फ धागों का समूह नहीं, बल्कि भाइयों के लिए प्यार और परंपरा का एक अनमोल उपहार हैं।
स्वाद और संस्कृति का संगम: महुआ लड्डू
इस हैम्पर की सबसे खास बात है इसमें शामिल शुद्ध महुआ लड्डू। ये लड्डू मंडला जिले की महिलाओं की मेहनत और संस्कृति का स्वाद है। पारंपरिक तरीके से महुआ के सूखे फूलों को धोकर, सुखाकर और पीसकर, देशी घी, गुड़ व सूखे मेवों के साथ मिलाकर स्वादिष्ट लड्डू बनाए जाते हैं। ये लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि कैल्शियम, आयरन और प्राकृतिक शर्करा से भी युक्त होते हैं।
यह पहल इन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है और साथ ही उनकी पारंपरिक कला को एक नई पहचान दे रही है। 350 रुपये की कीमत वाला यह गिफ्ट हैम्पर न केवल एक खूबसूरत तोहफा है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता और सांस्कृतिक संरक्षण का एक बेमिसाल उदाहरण है।

